प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित करने का काम करीब-करीब पूरा हो गया है। स्टैच्यू ऑफ वननेस (एकात्मता प्रतिमा) की बहु धातु प्रतिमा के हिस्से चीन, सोलापुर और एलएंडटी कंपनी के प्लांट से ओंकारेश्वर पहुंच गए हैं। इनके इंजीनियर भी खंडवा आ गए। प्रतिमा की स्थापना के लिए पेडस्टल (स्तंभ) पर बंशी पहाड़ जयपुर के स्टोन से बना कमल (लोटस स्टोन) रखने के बाद 30 जुलाई पार्ट्स जोड़ कर मूर्ति को स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा। 108 फीट ऊंची मूर्ति को 15 अगस्त तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगस्त 2023 के अंत में मूर्ति का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की तैयारी है। वहीं, इसके अलावा अद्वैत लोक (शंकर संग्रहालय), आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान और अन्य काम अगस्त 2025 तक पूरे होंगे।
52 फीट का पेडस्टल बनाया जा रहा
ओंकारेश्वर में स्टैच्यू ऑफ वननेस में 108 फीट ऊंची बहु धातु की आदि शंकराचार्य की प्रतिमा को स्थापित करने के लिए 52 फीट का पेडस्टल बनाया जा रहा है। इसका करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अब फिनिशिंग का काम चल रहा है। पेडस्टल के ऊपर 12 से 16 फीट का रेड स्टोन का कमल स्थापित होगा। यह कमल जयपुर के बंशी पहाड़ के पत्थर से बनाया गया है। इस पत्थर का रंग प्राकृतिक होगा। इस पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण भी किया जा रहा है। कमल स्टोन की फिनिशिंग का काम अहमदाबाद में पूरा हो गया है। इसको रखने के बाद जुलाई माह के अंत में प्रतिमा स्थापित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस काम में 10 से 15 दिन का समय लगेगा। इसके बाद एलएंडटी कंपनी प्रतिमा स्थापित करने के बाद संस्कृति विभाग को सौंप देगी।
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ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति का अगस्त अंत में लोकार्पण की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
शंकर संग्रहालय के लिए टेंडर जारी
अद्वैत लोक (शंकर संग्रहालय) का मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। इसमें 7-डायरोमा, खुली वीथिकाएं, अद्वैत नौका विहार, 3-डी डोम प्रोजेक्शन गैलरी, 500 की क्षमता का हाईस्क्रीन थिएटर, ध्यान केंद्र, कला विथिका, पंचायतन मंदिर, अन्नपूर्णा, अद्वैत कलाग्राम, लेजर, लाइट एंड साउंड शॉ, ओम स्तंभ का निर्माण किया जाना है। इसके लिए जून में टेंडर जारी कर दिए गए है। 800 करोड़ का टेंडर अगस्त में फाइनल हो जाएगा। इन कामों को पूरा करने का लक्ष्य अगस्त 2025 तय किया गया है।
गुरुकुल में अंग्रेजी, कंप्यूटर की पढ़ाई भी होगी
इसके अलावा आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान, भारतीय मंदिर निर्माण शैली में नागर शैली एवं द्रविड़ शैली में निर्मित वेदांत संस्थान के काम का भी का मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। वहीं, परियोजना केंद्र, पीआईसी पार्किंग, अद्वैत/अभय घाट और पैदल पुल का निर्माण भी इसी साल से शुरू हो जाएगा। यह पूरी परियोजना 1000 करोड़ रुपये की है। इसके लिए टेंडर तैयार किया जा रहा है। ओंकार पर्वत पर वेदांत संस्थान में 200 बच्चे प्राचीन परंपराओं से अद्वैत की शिक्षा लेंगे। इसके अलावा इन बच्चों को सीबीएससी पैटर्न के समान ही 12 वीं कक्षा तक अंग्रेजी, कंप्यूटर की शिक्षा भी दी जाएगी। ताकि ये बच्चे प्रतियोगिता में देश के दूसरे स्कूलों के बच्चों से आगे ही रहें।