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Madhya Pradesh: हॉकी खिलाड़ियों को मिल रहीं विश्व स्तरीय सुविधाएं, राष्ट्रीय खेल की ओर आकर्षित हो रहे युवा

Sat, 16 Jul 2022 07:00 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sat, 16 Jul 2022 07:00 AM IST
सार

Madhya Pradesh: हॉकी खिलाड़ियों को मिल रहीं विश्व स्तरीय सुविधाएं, राष्ट्रीय खेल की ओर आकर्षित हो रहे युवा

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Hockey players are getting world class facilities in Madhya Pradesh, youth are getting attracted towards the national game
सीएम शिवराज और हॉकी प्लेयर विवेक सागर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के होनहार युवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। खेल जगत में भी प्रदेश की मिट्टी सोना बनकर चमक रही है। उपलब्ध संसाधनों, बेहतर कोच और अच्छी सुविधाओं ने राज्य के खिलाड़ियों को ऐसा माहौल दिया है कि वे जी-जान से देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे समय में जब राष्ट्रीय खेल को लेकर युवाओं का क्रेज कम देखने को मिलता है, एपमी का यूथ न सिर्फ हॉकी स्टिक को थाम रहा है बल्कि ओलंपिक, एशियन गेम्स समेत बड़ी प्रतिस्पर्धाओं में पदक लाने का ख्वाब देख रहा है। खिलाड़ियों के सपनों को मध्य प्रदेश सरकार की कोशिशें पंख लगा रही हैं।  


एमपी में खिलाड़ियों को मिल रहीं बेहतर सुविधाएं 
मध्य प्रदेश देश में सबसे अधिक एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान वाला प्रदेश है। एमपी हॉकी एकेडमी के चीफ कोच, ओलंपियन और एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट समीर दाद कहते हैं कि प्रदेश में एक बार फिर हॉकी के लिए जुनून देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों की वजह से भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, गुना, मंदसौर, दमोह, सिवनी, नर्मदापुरम में एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध हैं। इंदौर और बालाघाट में तैयारी चल रही है। प्रदेश सरकार हर जिले में एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम बनाने के लिए प्रयासरत है। जिलों में भी खेल विभाग द्वारा बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ट्रेनिंग दी जा रही है और सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, इससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ रही है। 
Hockey players are getting world class facilities in Madhya Pradesh, youth are getting attracted towards the national game
प्रदेश की खेल अकादमी से निकल रहे प्रतिभाशाली खिलाड़ी मध्य प्रदेश खेल अकादमी शुरू करने वाला पहला राज् - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की खेल अकादमी से निकल रहे प्रतिभाशाली खिलाड़ी
मध्य प्रदेश खेल अकादमी शुरू करने वाला पहला राज्य है। खेल अकादमी प्रारंभ करके सरकार खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर, उन्हें बढ़िया डाइट के साथ-साथ किट उपलब्ध कराने और सुविधाएं मुहैया कराने का कार्य कर रही है। इस कदम से प्रतिभावान और आर्थिक रूप से असमक्ष परिवारों के बच्चे भी अपनी मेहनत के दम पर निखर रहे हैं और प्रदेश की भागीदारी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। एकेडमी के प्रशिक्षकों को भी एजुकेट करने की प्लानिंग की जा रही है। एक कार्यक्रम ऐसा तैयार किया जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षकों को नई हॉकी के बारे में बताया जाएगा। कोच नए बच्चों को ट्रेंड करेंगे। इस तरीके से नए खिलाड़ियों का बेस अच्छा होगा। हॉकी स्किल बेस्ड टीम है। छोटे बच्चों में शुरू से ही स्किल डेवलप हो जाएगी, तो उम्दा प्लेयर्स तैयार हो सकेंगे। 

सरकार की कोशिशों ला रही रंग 
समीर दाद हॉकी खिलाड़ियों की नई और ट्रेंड पीढ़ी तैयार करने का श्रेय एकेडमी को देते हैं। उनका कहना है कि जब देश का ब्लेजर मिलता है, तिरंगा शान से लहराता है तो वो एहसास शब्दों में बयां नहीं किए जा सकते। वे 32 साल बाद एशियन गेम्स जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। उस समय को आज भी याद करके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन खिलाड़ियों को मेहनत करनी होगी। परिवारों को भी समझना होगा कि इन सुविधाओं के साथ उनके बच्चे बेहतकर खिलाड़ी बन सकते हैं और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
Hockey players are getting world class facilities in Madhya Pradesh, youth are getting attracted towards the national game
सीएम शिवराज, भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ियों के साथ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश अकादमी से निकले प्लेयर्स
मध्य प्रदेश के होनहार हॉकी प्लेयर्स विवेक सागर और नीलाकांता शर्मा को कौन नहीं जानता है। हॉकी अकादमी में प्रशिक्षित विवेक सागर और नीलाकांता शर्मा ने टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा किया था। शौर्य प्रताप का नाम भी इन दोनों खिलाड़ियों के साथ शामिल है। ग्वालियर की राज्य महिला हॉकी अकादमी ने भी एक से बढ़कर एक हीरे तराशे। ओलंपिक के इतिहास में भारतीय महिला हॉकी टीम पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची थी। ग्वालियर की राज्य महिला हॉकी अकादमी ने भारतीय टीम में खेलने वाली बेहतरीन खिलाड़ियों को तराशा है। टोक्यों ओलंपिक में ग्वालियर अकादमी की खिलाड़ी पी सुशीला चानू, मोनिका और वंदना कटारिया शामिल थीं। 

2006 में मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य महिला हॉकी एकेडमी की शुरुआत की थी,जहां खिलाड़ियों के रहने-खाने समेत तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी देश को दिए हैं। मध्य प्रदेश सरकार प्रतिस्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्लेयर्स में उत्साह बढ़ा है।

 
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