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भोपाल में माइनिंग मीट का समापन: CM ने कहा- आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा कॉन्क्लेव

Fri, 18 Oct 2024 06:49 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 18 Oct 2024 06:49 PM IST
सार

सीएम डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस खनन कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हिस्सा लिया और कहा कि मंथन से निकले अमृत से प्रदेश की खनिज संपदा को और समृद्ध किया जाएगा।

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Conclave of Mining Meet: CM said- Conclave will also prove to be a milestone in building self-reliant India.
माइनिंग मीट के समापन सत्र में पहुंचे सीएम यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। - फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि भोपाल में आयोजित दो दिवसीय खनन कॉन्क्लेव के परिणाम ऐतिहासिक साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर हुई चर्चाओं से निकलने वाले निष्कर्ष भावी रणनीति के निर्माण की नींव रखेंगे, जो न केवल मध्यप्रदेश बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होंगे।


सीएम डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस खनन कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हिस्सा लिया और कहा कि मंथन से निकले अमृत से प्रदेश की खनिज संपदा को और समृद्ध किया जाएगा।

नीतिगत सुधार और नई तकनीकों का महत्व
कॉन्क्लेव में खनिज अन्वेषण, खनिज प्रसंस्करण, नवीन तकनीकों का उपयोग और पर्यावरण सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटलीकरण पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज क्षेत्र में नीतिगत सुधारों को लागू करने के लिए इस प्रकार की संगोष्ठियों का आयोजन जरूरी है।
 
Conclave of Mining Meet: CM said- Conclave will also prove to be a milestone in building self-reliant India.
माइनिंग मीट के समापन सत्र में पहुंचे सीएम यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। - फोटो : सोशल मीडिया
मध्यप्रदेश की खनिज संपदा
मध्यप्रदेश को प्रचुर खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य बताया गया, जिसमें देश का एकमात्र हीरा उत्पादन क्षेत्र और मलाजखंड का विशाल तांबा खनन क्षेत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति निवेशकों के लिए सुगम है और कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के खनन क्षेत्र को गति मिलेगी, जिससे देश की समृद्धि में भी योगदान होगा।

सीमेंट सेक्टर में 20,000 करोड़ का निवेश संभावित
खनन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में सीमेंट सेक्टर में 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अगले 4 से 5 साल में यह निवेश संभव है। इस कॉन्क्लेव में मिले सुझावों को राज्य की प्रस्तावित खनिज नीति में शामिल किया जाएगा और अनुमोदन के बाद इन्हें लागू किया जाएगा। यह कॉन्क्लेव प्रदेश के खनिज क्षेत्र को मजबूत बनाने और निवेश को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य पाया गया कि उसे गर्भगृह में स्थान मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अनुपम चतुर्वेदी और किशोर ने इस पत्थर का नमूना भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही मध्यप्रदेश खनिजों के मामले में भी अद्वितीय है। भारत की वसुंधरा में मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश होने के साथ रत्न-गर्भा भी है। पन्ना में हीरों का भंडार प्रदेश को अलग पहचान देता है। अब हीरों के साथ सोना भी प्रदेश की धरती से निकलेगा। अन्य खनिजों के खनन के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
Conclave of Mining Meet: CM said- Conclave will also prove to be a milestone in building self-reliant India.
माइनिंग मीट के समापन सत्र में पहुंचे सीएम यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। - फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनन तकनीक में प्रयुक्त हो रहे नवीनतम उपकरणों की भी जानकारी ली। नई खनन मशीन के लोकार्पण के साथ ही खनन उपकरणों की कार्य प्रणाली की भी जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी स्थल पर एनसीएल नॉर्दन कोल-फील्ड्स लिमिटेड, नवाधर सोल्यूशन्स, मार्गसॉफ्ट टेक्नोलॉजिस, बालाजी सोल्यूशन्स, प्रोपल इंडस्ट्रीज, दौलतराम इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील लिमिटेड, टेरेक्स इंडिया प्रायवेट लिमिटेड, ऐरो लिमिटेड, रेलटेल कॉर्पोरेशन, फॉर्च्यून स्टोन्स लिमिटेड, महेश्वर माईनिंग लिमिटेड, इंजीयिटेक कंसलटेंट, रामनिक पॉवर एंड एलॉयस प्रायवेट लिमिटेड, कार्तिकेय एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड के स्टॉल के साथ ही जीएसआई और मध्यप्रदेश के खनिज संसाधन विभाग के स्टॉल भी देखे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के खनन क्षेत्र पर केंद्रित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत सरकार के खनिज मंत्रालय द्वारा प्रकाशित पुस्तिका "खनन क्षेत्र में सुधार" (माईनिंग सेक्टर रिफार्म्स) का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से एमओआईएल (मॉयल) कम्पनी के सीएमडी द्वारा दो करोड़ 78 लाख 94 हजार 725 रूपए का लाभांश चेक भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री से निवेशकों ने की भेंट
कॉन्क्लेव के समापन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सागर स्टोन इंडस्ट्रीज के नितिन शर्मा, कैप्टन स्टील के बैरी अलॉयज, मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड (एमओआईएल) अजीत कुमार सक्सेना, इंडियन रेयर अर्थस मुंबई के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपेन्द्र सिंह ने भेंट कर मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्तावों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनिज क्षेत्र के उद्यमियों से वन-टू-वन बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेश के प्रति गंभीर ही नहीं, संवेदनशील और प्रतिबद्ध भी है। सभी तरह के उद्योगों के लिए बुनियादी सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक रियायतें प्रदान की जा रही हैं। इस नाते खनिज क्षेत्र को भी पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि अगले 25-30 वर्षों तक विश्व में भारत का दबदबा रहेगा। विश्व में भारत को एक ब्राइट स्पॉट की तरह देखा जा रहा है। भारत स्टार्ट-अप के क्षेत्र में बहुत बड़ी ताकत बन चुका है। यूएसए और चीन के बाद स्टार्ट-अप के क्षेत्र में भारत तीसरा बड़ा देश है, जबकि यूनीकॉर्न के क्षेत्र में दूसरी बड़ी शक्ति है। पीएम गति शक्ति पोर्टल पर कई विभागों के डेटा को डिजिटाइज कर डाला गया है। इससे कई कार्य कम समय में आसानी से किए जा सकते हैं। अगले 25 सालों में देश की इकोनॉमी 30 ट्रीलियन की होगी तथा देश की जनसंख्या 163 करोड़ होगी। प्रति व्यक्ति आय 18 से 19 हजार डॉलर होगी। मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। प्रदेश में वर्ष 2008 में सिंचित भूमि 7 लाख हेक्टेयर थी, जो बढ़कर वर्तमान में 45 लाख हेक्टेयर हो गई है। प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आरआईसी और जीआईएस का आयोजन किया जा रहा है। माईनिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिये भी माईनिंग कॉन्क्लेव जैसे कई नवाचार किए जा रहे हैं।
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