{"_id":"63d0ed368605bf4acb700cd5","slug":"bhopal-news-state-s-first-mechanized-kitchen-inaugurated-20-thousand-rotis-and-12-thousand-liters-of-pulses-2023-01-25","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: प्रदेश के पहले मैकेनाइज्ड किचन का शुभारंभ, एक बार में 20 हजार रोटी और 12 हजार लीटर दाल बन जाएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: प्रदेश के पहले मैकेनाइज्ड किचन का शुभारंभ, एक बार में 20 हजार रोटी और 12 हजार लीटर दाल बन जाएगी
Wed, 25 Jan 2023 02:20 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 25 Jan 2023 02:20 PM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था पुण्य का कार्य है। अक्षय पात्र फाउंडेशन और एचईजी लिमिटेड के साथ मध्य प्रदेश शासन के अनुबंध से भोपाल के निकटवर्ती विद्यालयों के बच्चे लाभान्वित होंगे। किचन शेड का निर्माण 12 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में मध्य प्रदेश के पहले मैकेनाइज्ड किचन का शुभारंभ किया। इस मैकेनाइज्ड किचन में एक बार में 20 हजार रोटी और 12 हजार लीटर दाल या सब्जी एवं 125 किलो चावल पक सकते हैं।
अक्षय पात्र की आधुनिक रसोई में बनता खाना
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था पुण्य का कार्य है। अक्षय पात्र फाउंडेशन और एचईजी लिमिटेड के साथ मध्य प्रदेश शासन के अनुबंध से भोपाल के निकटवर्ती विद्यालयों के बच्चे लाभान्वित होंगे। किचन शेड का निर्माण 12 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शरीर स्वस्थ है तो मन भी स्वस्थ होता है। अन्य संस्थाएं भी बच्चों को भोजन उपलब्ध करवाने और पौष्टिक आहार देने के कार्य के क्षेत्र में आगे आएंगी तो उनका भी स्वागत है। हम बच्चों को बेहतर पोषण दे सकेंगे।
अक्षय पात्र फाउंडेशन की खाना बनाने की आधुनिक मशीन
- फोटो : अमर उजाला
सीएम बोले- बच्चे भगवान का रूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पीएम पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश सरकार कक्षा आठवीं तक अध्ययनरत बेटे बेटियों के लिए स्कूल प्रांगण में ही मध्यानह भोजन की व्यवस्था कर रही है। अक्षय पात्र फाउंडेशन समर्पित भाव से बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण भोजन पहुंचाने का कार्य कर रहा है। भोपाल में इसकी शुरुआत सराहनीय है। स्वामी चंचलापति जी की टीम जो कार्य कर रही वह ईश्वर की आराधना से कम नहीं है। क्योंकि बच्चे ही भगवान का रूप होते हैं। मध्यप्रदेश शासन द्वारा एचईजी से किए गए अनुबंध में शासन द्वारा खाद्यान्न सामग्री दी जाएगी। साथ ही भोजन पकाने की लागत भी सरकार वहन अक्षय पात्र फाउंडेशन का भोपाल में यह प्रथम मेगा किचन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पीएम पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश सरकार कक्षा आठवीं तक अध्ययनरत बेटे बेटियों के लिए स्कूल प्रांगण में ही मध्यानह भोजन की व्यवस्था कर रही है। अक्षय पात्र फाउंडेशन समर्पित भाव से बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण भोजन पहुंचाने का कार्य कर रहा है। भोपाल में इसकी शुरुआत सराहनीय है। स्वामी चंचलापति जी की टीम जो कार्य कर रही वह ईश्वर की आराधना से कम नहीं है। क्योंकि बच्चे ही भगवान का रूप होते हैं। मध्यप्रदेश शासन द्वारा एचईजी से किए गए अनुबंध में शासन द्वारा खाद्यान्न सामग्री दी जाएगी। साथ ही भोजन पकाने की लागत भी सरकार वहन अक्षय पात्र फाउंडेशन का भोपाल में यह प्रथम मेगा किचन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अक्षय पात्र की रसोई में बाल्टी में दाल भरता कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय पात्र फाउंडेशन का 66 वां किचन
अक्षय पात्र फाउंडेशन देश भर में अब तक 65 मैकेनाइज्ड किचन स्थापित कर चुका हैं। भोपाल में यह 66 वां किचन हैं। इसके निर्माण पर 12 करोड़ रुपए की लागत आई है। यह किचन दो साल पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन कोरोना के चलते स्कूल बंद होने से शुरू नहीं हो सका।
48 हजार बच्चों को उपलब्ध कराएगा खाना
भोपाल के शाहपुरा थाने पास मैकेनाइज्ड किचन स्थापित है। इस किचन से बैरागढ़ से मण्डीदीप तक 900 स्कूलों के 48 हजार हजार बच्चों को शुद्ध और स्वादिष्ट गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। अक्षय पात्र का अभी 15 राज्यों में 66 मैकेनिज्म किचन का नेटवर्क है। जहां से 20 हजार स्कूलों के 22 लाख बच्चों को रोजाना खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।
अक्षय पात्र फाउंडेशन देश भर में अब तक 65 मैकेनाइज्ड किचन स्थापित कर चुका हैं। भोपाल में यह 66 वां किचन हैं। इसके निर्माण पर 12 करोड़ रुपए की लागत आई है। यह किचन दो साल पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन कोरोना के चलते स्कूल बंद होने से शुरू नहीं हो सका।
48 हजार बच्चों को उपलब्ध कराएगा खाना
भोपाल के शाहपुरा थाने पास मैकेनाइज्ड किचन स्थापित है। इस किचन से बैरागढ़ से मण्डीदीप तक 900 स्कूलों के 48 हजार हजार बच्चों को शुद्ध और स्वादिष्ट गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। अक्षय पात्र का अभी 15 राज्यों में 66 मैकेनिज्म किचन का नेटवर्क है। जहां से 20 हजार स्कूलों के 22 लाख बच्चों को रोजाना खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।
