यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या में चार दिवसीय सरयू महोत्सव का उद्घाटन किया और वादा किया कि अभी तक उपेक्षित रही अयोध्या को अब दुनिया देखेगी। मुख्यमंत्री सरयू आरती में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रामनगरी की पावन नदी मां सरयू का बड़ा ही महत्व है। मान्यता है कि प्रयागराज जब स्वयं मलिन होते हैं तो वो सरयू में डुबकी लगाकर पवित्र होते हैं। इसकी महत्ता को देखते हुए हमने तय किया है कि अयोध्या के सभी घाटों को मां सरयू का स्पर्श मिले। इसमें किसी तरह का गंदे नाले का पानी नहीं गिरे। इसके अलावा सरयू का पवित्र व अविरल जलधारा राम की पैड़ी होते हुए दशरथ समाधि तक जाए इसके लिए गुप्तार घाट पर रबर डैम बनाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
योगी ने कहा कि याद रखना कि दुनिया की सभ्यताएं नदी तट पर ही विकसित हुई हैं लेकिन आज नदी संस्कृति दम तोड़ रही है। गंगा, यमुना, गोमती व सरयू महोत्सव कराने का हमारा तथ्य यही है कि नदी संस्कृति को पुनर्जीवित किया जाए। इसी के तहत अयोध्या में भी सरयू मां की आरती हो, उसका जल स्वच्छ रहे आदि के लिए सरकार ने कार्ययोजना बनाई, और पर्यटन विभाग ने इसे मूर्त रूप दिया।
योगी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि संतों के नेतृत्व में अयोध्या की वैश्विक पहचान मिले तभी राम राज व स्वच्छ व सुंदर अयोध्या की परिकल्पना साकार होगी। इस मौके पर पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व सांसद रामबिलास वेदांती, कथा वाचक प्रेमभूषण दास, राजकुमार दास, रामदास, सुरेश दास, संतोष दास, गिरीश दास, सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, इंद्र प्रताप तिवारी, रामचंद्र यादव, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय व आंजनेय सेवा समिति के अध्यक्ष शशिकांत दास समेत अन्य मौजूद रहे। (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान करते महंत नृत्य गोपाल दास।)
4 of 6
योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
योगी ने कहा कि वैश्विक पटल पर ऐसा दृश्य हो कि अयोध्या को पूरी दुनिया देखे। थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका जैसे देशों में राम की संस्कृति कायम है। राम के साथ अयोध्या की जो भावना है अन्य देशों को उससे जोड़ने का प्रयास होगा। दीपोत्सव ने अयोध्या को वैश्विक मान्यता दिलाने का काम किया।(सरयू तट पर आरती करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।)
5 of 6
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, बहुत सारे लोगों को बुरा लगा जब हमने पुष्पक विमान से राम सीता को उतारा। हम इस तरह के कार्य करते रहेंगे। इस दीपोत्सव को और भव्य बनाया जाएगा। कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष को आमंत्रित किया जा रहा है। सांस्कृतिक संबंधों से दुनिया की दूरियां घटाया जा सकता है। 192 देशों में योग परंपरा को वैश्विक मान्यता मिली है इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।