संतान की लंबी उम्र व परिवार की सुख समृद्धि की कामना के साथ शुक्रवार को महिलाओं ने डाला छठ पर्व पर निर्जल व्रत रख डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस मौके पर लखनऊ के लक्ष्मण मेला घाट पर जल में गोमती नदी के जल में उतरकर महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया।
वहीं, कोरोना के कारण घाटों पर भीड़ कम रही। लोगों ने घरों में ही पूजा का इंतजाम किया और अपने अपार्टमेंट में ही पूजन किया।
सूर्य उपासना के महापर्व डाला छठ को लेकर शुक्रवार की शाम गोमती नदी के तट पर असीम श्रद्धा दिखी। 36 घंटे के निर्जल उपवास के साथ महिलाएं पुत्रों की लंबी उम्र की कामना को लेकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचीं। (महिलाओं ने अपार्टमेंट में इस तरह तालाब बनाया और पूजा की।)
व्रती महिलाओं ने गोमती नदी में कमर तक पानी में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार में सुख समृद्धि के लिए छठ माता से प्रार्थना की। परिजन पूजन सामग्री लेकर महिलाओं के साथ खड़े रहे।
महिलाओं ने छठ माता को गन्ना, फल, फूल व मिष्ठान आदि अर्पित कर पुत्रों के लंबी उम्र की कामना की। कठिन निर्जल व्रत के बावजूद महिलाओं के चेहरों पर उत्साह दिखा। कुछ परिवार के पुरुष भी व्रत रखे हुए हैं। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद मंगलगान करती महिलाएं देर रात घर पहुंचीं। महिलाएं शनिवार की भोर में उगते सूर्य को अर्घ्य देने पुन: घाट पर महिलाएं पहुंचेंगी। रात करीब दो बजे से ही महिलाओं का घाट पर जमघट शुरू हो जाएगा।
उगते सूर्य को अर्घ्य देने व दान-पुण्य के बाद ही महिलाएं जल ग्रहण कर उपवास तोड़ेंगी। कोरोना की वजह से पिछले सालों की तुलना में इस बार कम भीड़ रही। पुलिस भीड़ को रोकने के लिए सक्रिय रही।