फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट बढ़ा रहे पाइल्स की बीमारी, सावधानियां बरतें

Tue, 21 Nov 2017 04:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 21 Nov 2017 04:03 PM IST
विज्ञापन
western style toilet a reason for piles says doctors.

पाइल्स (बवासीर) का इलाज बिना सर्जरी के भी संभव है। खानपान और दिनचर्या पर ध्यान दें तो इस रोग से आसानी से बचा जा सकता है। विदेशों की तरह अपने देश में तेजी से बढ़ रहे वेस्टर्न स्टाइल के टॉयलेट पाइल्स के मरीजों का दर्द बढ़ा रहे हैं। क्योंकि भारतीय टॉयलेट में बैठने के सही तरीके के कारण व्यक्ति को स्ट्रेन नहीं होता, जिससे बवासीर की संभावना काफी कम हो जाती है।



यह जानकारी केजीएमयू के गैस्ट्रोलॉजी विभाग के प्रो. अरशद अहमद ने वर्ल्ड पाइल्स-डे के मौके पर दी। उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत से अधिक मरीज दवा से ही ठीक हो सकते हैं। वहीं चौथे चरण यानी की (थ्रॉमबॉसिस) में पहुंचने वाले 10 प्रतिशत मरीजों को ही सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

अब ओपेन सर्जरी की जगह लेजर व स्टैपलर जैसे तमाम विकल्पों के माध्यम से सर्जरी की जाती है। इन तकनीक से सर्जरी के बाद होने वाले कई तरह के संक्रमण व जटिलताओं से मरीज को बचाया जा सकता है।

western style toilet a reason for piles says doctors.

नार्थ इंडिया का एकमात्र संस्थान जहां सर्जरी की हर तकनीक मौजूद
डॉ. अरशद ने बताया कि देश में कई ऐसे संस्थान हैं जहां पाइल्स की सर्जरी की जाती है। लेकिन केजीएमयू नार्थ इंडिया का इकलौता संस्थान है जहां पाइल्स सर्जरी की सभी प्रकार की तकनीक मौजूद है।

उन्होंने बताया कि केजीएमयू में पाइल्स के लिए डॉप्लर गाइडेड हेमोरॉयडल आर्टरी लाइगेशन (डीजीएचएएल) तकनीक का इस्तेमाल करीब 7 साल से अधिक समय से किया जा रहा है। इस तकनीक से सेकेंड व थर्ड डिग्री हीमोरॉयड्स का इलाज किया जाता है।

वहीं अब दो आधुनिक तकनीक भी आ गई हैं। सटैपलर हीमोरॉयड प्रॉक्सी व लेजर हीमोरॉयड पॉक्सी तकनीक से चौथे स्टेज में बिना ओपेन सर्जरी इलाज किया जाता है। इस तकनीक में मरीजों को बिल्कुल दर्द नहीं होता है।

western style toilet a reason for piles says doctors.

खानपान को लेकर काफी भ्रामक हैं जानकारियां
डॉ. अरशद ने बताया कि लोगों में खानपान को लेकर काफी भ्रम हैं। कहा जाता है कि नॉनवेज खाने से बवासीर के मरीजों की समस्या और भी बढ़ जाती है, लेकिन सच्चाई यह नहीं है। अगर नॉनवेज के साथ यही मात्रा में फाइबर व तरल पदार्थों का इस्तेमाल करें तो यह समस्या कभी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि पेट को साफ रखने के लिए फाइबर जैसे सख्त पदार्थ की जरूरत होती है। क्योंकि केवल फाइबर व तरल पदार्थ ही कोलन (बड़ी आंत) तक पहुंचते हैं।

इसीलिए इन्हें लेने से मोशन सही रहता है और स्ट्रेन की समस्या नहीं होती। वहीं दूध व नॉनवेज में केवल प्रोटीन ही होता है जो बड़ी आंत में जाने से पहले ही एब्जॉर्ब हो जाता है। ऐसे में मोशन के समय काफी स्ट्रेन हो जाता है, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।

अगर कोई भी प्रोटीनयुक्त या ऑयली पदार्थ का सेवन करें तो साथ में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ व फाइबर जरूर लें। इसके अलावा फल से जूस निकालकर पीने से बेहतर है कि पूरा फल खाएं, क्योंकि जूस निकालने से फलों में मौजूद फाइबर निकल जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
western style toilet a reason for piles says doctors.

गंभीर स्टेज में पहुंचने वाले मरीज ही आते हैं अस्पताल
देसी इलाज गंभीर बीमारियां को तेजी से बढ़ा रहा है। ओपीडी में ऐसे मरीज भी आते हैं जिन्हें पाइल्स जैसे लक्षण होते हैं लेकिन उन्हें एनल कैनाल कैंसर की समस्या होती है। एनल कैनाल कैंसर के 50 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं जो पाइल्स के लक्षणों को देखकर बंगाली व अन्य तरह का देसी इलाज कराते हैं। बाद में रोग के गंभीर स्टेज में पहुंचने पर ही लोग अस्पताल पहुंचते हैं।

देर तक बैठने वालों में पाइल्स की समस्या अधिक
डॉक्टर ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत लोगों में पूरे जीवनकाल में बवासीर होने की संभावना होती है। वहीं देर तक बैठने वाली नौकरियां कर रहे लोग इससे अधिक पीड़ित होते हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में पाइल्स की समस्या काफी आम है। अगर नियमित रूप से व्यायाम व शारीरिक कार्य किए जाते रहें तो इससे बचा जा सकता है।

विज्ञापन
western style toilet a reason for piles says doctors.

ऐसे करें बचाव
- अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें
- खानपान में फलों, हरी सब्जियों व अंकुरित अनाज (फाइबर) लें।
- प्रोटीन व ऑयली भोजन लें तो साथ में फाइबर युक्त पदार्थ जरूर लें
- अधिक समय तक बैठने से बचें
- ज्यादा से ज्यादा शारीरिक कार्य अथवा व्यायाम करें
- इंडियन स्टाइल टॉयलेट का इस्तेमाल करें

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed