बलरामपुर में रविवार से गायब एक युवक का शव कई दिन बाद राप्ती नदी के किनारे मिलते ही बुधवार को पुलिस व पब्लिक आमने-सामने आ गई। पुलिसिया कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव कर लाठी-डंडों से हमला बोला। मौके से पुलिस को वाहन समेत जान बचाकर भागना पड़ा। दूसरी बार भारी सुरक्षा के बीच शव लेकर लौट रही पुलिस टीम पर फिर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में पुलिस टीम पर फिर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस भिड़ंत में महिला थानाध्यक्ष समेत आठ सिपाही घायल हो गए हैं।
युवक का शव उठाने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों का हमला, आठ घायल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
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रविवार से गायब था धनीराम
दरअसल बलरामपुर जिले के गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़िला नौबस्ता निवासी धनीराम यादव रविवार रात लापता हो गया था। धनीराम की बाइक व मोबाइल खून से सनी हुई घर के सामने लावारिश मिली थी। धनीराम के पिता शिवमंगल ने मंगलवार को समर्थकों व ग्रामीणों के साथ थाने का घेराव किया था। शिवमंगल का आरोप था कि धनीराम ससुराल गया था। उसकी पत्नी, ससुर, साले व रिश्तेदार ने उसकी हत्या कर दी है। मंगलवार को पुलिस ने शिवमंगल की तहरीर पर उसकी पत्नी, ससुर, साले व उनके रिश्तेदार के खिलाफ केस दर्ज किया था। (ग्रामीणों ने पुलिस का रास्ता रोकने के लिए सड़क पर बड़े पत्थर लगा दिए।)
बुधवार को धनीराम का शव राप्ती नदी के किनारे मिला है। आसपास के लोगों का आरोप है कि डायल-100 की गाड़ी से धनीराम का शव नदी के किनारे ठिकाने लगाने के लिए लाया गया था। इसी बात की चर्चा क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं एएसपी एसके सिंह का कहना है कि मृतक का शव मिलने की सूचना ग्रामीणों ने ही डायल-100 को दी थी तथा सूचना पाकर डायल 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों का आरोप पूरी तरह से निराधार व झूठा है।
देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस टीम पर किया हमला
रजवापुर गांव के निकट ही शव लेने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने देखते ही देखते पत्थर व लाठी-डंडे से हमला कर दिया। लोगों का आरोप था कि पुलिस की मिलीभगत से ही धनीराम की हत्या की गई है। तीन दिन तक पुलिस आरोपियों को बचाने के चक्कर में लीपा पोती कर रही थी। शव को तीन दिन बाद नदी के किनारे फेंका गया है। लोग इतने गुस्से में थे कि उन्होंने लाठी-डंडे व पत्थर से पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस कर्मी जान बचाकर भागे और कुछ लोग गाड़ियों में बैठकर भागे। गाड़ी में न बैठ पाए सिपाही को भीड़ ने दौड़ा दौड़ाकर मारा।
भारी सुरक्षा के बीच लाया गया शव
भीड़ के हमलावर होने तथा पुलिस टीम के भागने के बाद मौके पर पहुंचे डीएम राकेश कुमार मिश्र, एडीएम एके शुक्ला, एसपी प्रमोद कुमार व एएसपी एसके सिंह ने मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। भीड़ के गुस्से को देखते हुए कई थानो समेत भारी संख्या में फोर्स मंगा ली गई। फोर्स के आने के बाद पुलिस भारी सुरक्षा के बीच धनीराम का शव लेने रजवापुर गांव के निकट राप्ती नदी के किनारे पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया।