राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार को राजभवन में रोजा-इफ्तार के साथ ही रात्रि भोज का आयोजन किया। जिसमें कई मुस्लिम धर्म गुरूओं के अलावा राजनेता, समाजसेवी व अधिकारी भी शामिल हुए। अलबत्ता प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सपा, बसपा और अन्य दलों के बड़े नेता राजभवन नहीं पहुंच पाए।
राजभवन में आयोजित रोजा इफ्तार के लिए लोगों का शाम 5 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गया था। निर्धारित समय पर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सुन्नीयों को और मौलाना कल्बे जव्वाद ने शियों की नमाजे जमात पढ़ाई। राज्यपाल ने ईद की अग्रिम बधाई देते हुए कहा रमजान का पाक महीना हमें प्रेम व सद्भाव की शिक्षा देता है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में सभी सम्प्रदाय के लोग आपस में मिल जुलकर रहते हैं यहीं हमारी संस्कृति है। इससे पहले राज्यपाल ने सभी लोगों केसाथ फोटो खिंचाई और घूम-घूम कर मुलाकात भी की। नमाज अदा करने का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद राज्यपाल ने भी सभी प्रमुख लोगों के साथ इफ्तार किया। इनके अलावा टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान, मौलाना यासूब अब्बास, मौलाना आगा रूही, राजा महमूदाबाद नवाब मीर अब्दुल्ला जाफर समेत अन्य लोगों ने इफ्तार किया।
रोजा इफ्तार में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के अलावा प्रदेश सरकार के मंत्रियों में सुरेश खन्ना, सूर्यप्रताप शाही, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, आशुतोष टंडन, स्वाति सिंह, उपेन्द्र पांडेय व मन्नू कोरी केअलावा पूर्व सांसद लालजी टंडन, सासंद जगदंबिका पाल, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा केप्रदेश अध्यक्ष हैदर अब्बास चांद समेत कई स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सपा, बसपा समेत अन्य दलों की ओर से कोई बड़ा नेता तो राजभवन नहीं पहुंचा।
अलबत्ता सपा सरकार के पूर्व मंत्री अहमद हसन और कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद भी पहुंचे थे। अधिकारियों में भी सिर्फ पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह और प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, एडीजी क्राइम चद्र प्रकाश, वरिष्ठ आईएएस ललित वर्मा व एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार शामिल हुए। सूचना आयुक्तों में राजकेश्वर सिंह, विजय शर्मा व स्वदेश कुमार के अलावा महंत देव्यागिरी भी मौजूद रहीं।