लखनऊ में तेज रफ्तार के शौक ने दो युवाओं की जान लखनऊ में ले ली। एक की बाइक लोहे की रेलिंग में घुस गई तो दूसरे का सिर पोल से टकरा गया। पहला हादसा गोमतीनगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बने ओवर ब्रिज पर हुआ। जहां रविवार सुबह बाइक पर स्टंट करते हुए एक युवक की जान चली गई। जबकि हादसे में उसका दूसरा साथी घायल हो गया, उसका इलाज राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। (तस्वीर में विकास।)
जबकि दूसरा वजीरगंज के शहीद स्मारक के पास का है। जिसमें देर रात बाइक पर स्टंट करते हुए भगवान दीन नवी उल्ला रोड निवासी अनिल गुप्ता (20) की मौत हो गई। एसओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अनिल गुप्ता शराब के नशे का आदी था। देर रात वह अपने पड़ोसी राम निवास गुप्ता की बाइक लेकर घूमने केबहाने निकला और स्टंट करने लगा। शहीद स्मारक केपास बेतहाशा स्पीड में आगे जा रही कार को ओवरटेक करने के चक्कर में उसकी बाइक बेकाबू हो गई। इसके बाद बाइक सामने लगी लोहे के रेलिंग में जा घुसी। हादसे के वक्त हेलमेट न होने के कारण उसका सर रेलिंग से टकरा गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अलीगंज के सेक्टर-सी निवासी मनोज गुप्ता की घर के पास ही परचून की दुकान है। उनके दो बेटे विशाल और विकास हैं। रविवार सुबह सात बजे विकास (19) अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला। सभी छह युवक तीन बाइकों पर सवार थे। वे अम्बेडकर पार्क होते हुए जनेवश्वर मिश्रा पार्क के लिए जा रहे थे। पार्क के पास बने ओवरब्रिज पर सभी बाइक की रेस लगाने लगे। इसी दौरान आगे एक कार दिखी। उसे ओवर टेक करने के चक्कर में विकास की बाइक बेकाबू हो गई। इसके बाद बाइक करीब डेढ़ फीट के डिवाइडर से रगड़ खाने लगी। वहीं अचानक डिवाइडर पर लगे पोल से विकास का सिर टकरा गया। वहीं पीछे बैठा उसका दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हो गया। अन्य दोस्त दोनों घायलों को लोहिया अस्पताल लेकर गए। हादसे की जानकारी मार्निंग वॉकर ग्रुप के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दी।
पिता बोले-जरूरी काम से जाने की बात कह कर गया
पिता मनोज ने बताया कि विकास ने इसी साल इंटर की परीक्षा पास की। उसने क्रिश्चियन कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। परिवार में भाई विशाल एक बहन और मां विनीता है। विकास पढ़ाई केसाथ ही पिता की दुकान पर भी हाथ बंटाता था। पिता मनोज के मुताबिक विकास रविवार सुबह बाइक लेकर निकला। उसने किसी जरूरी काम से पास में जाने की बात कही थी। उसके साथ वहां से कोई नहीं चला था। रास्ते में कहां दोस्तों से मुलाकात हुई। वह कब गोमतीनगर जनेश्वर मिश्र पार्क केपास पहुंचा। इसके बारे में कुछ नहीं बता सकता। हादसे की सूचना विकास के दोस्तों ने भाई विशाल को सुबह करीब साढ़े आठ बजे दी। (हादसे की कहानी कहता ये सीन।)