यूपी इंवेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के बाद उम्मीद की जा रही है कि अब प्रदेश की छवि बदलेगी और प्रदेश निवेश के बड़े हब के रूप में उभरेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार समिट में चार लाख 28 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जबकि 4 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव भी सरकार के पास आए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने खुद ही इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन की कमान संभाल रखी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा था कि निवेश की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी और निवेश के जमीन पर उतरने तक वो शांत नहीं बैठेंगे। सरकार के दावों के बाद उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ वर्षों में यूपी में काफी तेज विकास होगा। ऐसे में जानें वो घोषणाएं जो यूपी का चेहरा बदल सकती हैं। आगे देखें...
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने यूपी में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि दिसंबर 2018 तक यूपी के हर गांव को जियो कनेक्टिविटी से जोड़ देंगे। अगले तीन महीने में दो करोड़ जियो फोन प्रदेश में उपलब्ध हो जाएंगे।
एसेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने प्रदेश में 18,750 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा, पिछली सरकार में हमने 30 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर साइन किए थे, लेकिन सिर्फ तीन हजार करोड़ रुपये के ही काम कर सके। इस बार 30 हजार करोड़ के प्रस्ताव दिए लेकिन सीएम ने काटकर 18750 करोड़ कर दिया। यह बदला हुआ माहौल है।
अडानी ग्रुप के गौतम अडानी ने 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यूपी में वर्ल्ड क्लास फूड एंड एग्रो पार्क, लॉजिस्टिक पार्क, रोड व मेट्रो निर्माण में निवेश करेंगे। एक विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी भी बनाएंगे जिसमें स्किल सेंटर होगा। कोयला, खनन, रियल एस्टेट, बंदरगाह, छह लाख टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज व 1000 मेगावाट क्षमता की सोलर परियोजना भी शुरू करेंगे।
आदित्य बिड़ला ग्रुप अगले पांच साल में यूपी में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसकी घोषणा ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने बुकी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को कारोबार के लिए बेहद अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि यूपी में आदित्य बिड़ला ग्रुप नंबर वन इन्वेस्टर है। हमने सीमेंट, टेलीकॉम व कैमिकल सेक्टरों में निवेश किया है। यहां आदित्य बिड़ला ग्रुप की सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। अगले पांच साल में इसका विस्तार किया जाएगा।