तेजस एक्सप्रेस की सुविधाओं ने जीता यात्रियों का दिल, हर रोज कमा रही 17 लाख रुपये, तस्वीरें
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यही वजह है कि तेजस की कमाई बढ़ती जा रही है और जल्द ही तेजस के हॉलेज चार्ज, कस्टडी, ओएचई सहित अन्य भुगतानों के लिए रेलवे को 22 करोड़ रुपये दे दिए जाएंगे। ट्रेन में यात्रियों को 25 लाख रुपये का मुफ्त यात्रा बीमा भी दिया जाता है। आईआरसीटीसी अधिकारियों के अनुसार तेजस एक्सप्रेस जब शुरू हुई थी तो पहले ही महीने में 70 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। टिकट बिक्री से ट्रेन को 3.70 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। ट्रेन के संचालन पर प्रतिदिन करीब 14 लाख रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि आमदनी 17.50 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच चुकी है। ऐसा ही रहा तो यह लखनऊ से दिल्ली जाने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनों पर भारी पड़ जाएगी।
यात्रियों को 19 लाख कर चुके रिफंड
तेजस एक्सप्रेस के लेट होने पर यात्रियों को रिफंड की सुविधा भी मिलती है। इसमें एक घंटे से अधिक लेट होने पर सौ रुपये प्रति यात्री और दो घंटे से ज्यादा होने पर ढाई सौ रुपये दिए जाते हैं। ट्रेन कुछ मौकों पर लेट भी हुई है, जिसके एवज में यात्रियों को करीब 19 लाख रुपये का रिफंड दिया जा चुका है। हालांकि, ट्रेन लेट न हो, इसके लिए लगातार आईआरसीटीसी अधिकारी रेलवे के ऑपरेटिंग विभाग के संपर्क में भी रहते हैं।
तेजस एक्सप्रेस जल्द ही लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस व शताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनों को टक्कर देने लगेगी। तेजस की ऑक्यूपेंसी 80 से 85 प्रतिशत तक है। इसे बेहतर माना जाता है। हालांकि, लखनऊ मेल की ऑक्यूपेंसी अधिक है, लेकिन रोजाना होने वाली कमाई तेजस एक्सप्रेस की अधिक है। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ मेल से प्रतिदिन आठ से 10 लाख रुपये तक की कमाई होती है। जबकि शताब्दी से 12 लाख और एसी एक्सप्रेस से भी 10 से 12 लाख रुपये की कमाई होती है। इस लिहाज से तेजस आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है।
तेजस एक्सप्रेस के संचालन को और बेहतर बनाने पर फोकस है। यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। खानपान से लेकर टाइमिंग तक का विशेष ख्याल रखा जाता है। जल्द ही रेलवे को चार्जेज के रूप में करीब 22 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। - अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी