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अश्कों से सराबोर आंखों ने कहा, अलविदा हुसैन....

Thu, 01 Jan 2015 10:59 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 01 Jan 2015 10:59 AM IST
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अश्कों से सराबोर आंखों ने कहा, अलविदा हुसैन....

Tajiya march in Lucknow.

पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की स्मृतियों में डूबे सोगवारों के लबों पर अलविदा हुसैन... अलविदा हुसैन.... की सदाएं।

अश्कों से सराबोर आंखों ने कहा, अलविदा हुसैन....

Tajiya march in Lucknow.

कुछ ऐसा ही नजारा था बुधवार सुबह विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित नाजिम साहब के इमामबाड़े से निकाले गए चुप ताजिए के जुलूस का।

अश्कों से सराबोर आंखों ने कहा, अलविदा हुसैन....

Tajiya march in Lucknow.

अय्यामे अजा के आखिरी दिन निकले जुलूस में मर्सियाख्वानी ‘...घरों में मेहमान थे हजरत-ए-शब्बीर, विदा होते हैं हर एक से अब शाहे दिलगीर, फराक-ए-शाह की हर दिल पर चलती है शमशीर...’ का दर्द फिजा में ऐसा समाया कि हर शख्स की आंखें गमगीन हो गईं।

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Tajiya march in Lucknow.

नाजिम साहब के इमामबाड़े से निकला जुलूस अकबरी गेट, नक्खास चौराहा, बिल्लौचपुरा मोड़, गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज से होते हुए मंसूर नगर और रौजा-ए-काजमैन पर समाप्त हुआ।

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Tajiya march in Lucknow.

इस दौरान जुलूस में शामिल अजादारों के आंसुओं का सैलाब सा आ गया। समापन पर इमामबाड़ों में अलविदाई मजलिसें हुईं, जिसमें अजादारों की ‘या हुसैन... या हुसैन....’ से आखिरी सलाम देने लगा।

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