अपने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी से प्रतिद्वंद्वी गेंदबाजों में खौफ जगाने वाले सुरेश रैना वैसे तो गाजियाबाद के मूल निवासी हैं, लेकिन क्रिकेटर के तौर पर उनकी असली पहचान लखनऊ में रहकर बनी। हालांकि उनके संन्यास के फैसले ने सभी को चौंका दिया। यूपी को वर्ष 2006 में रणजी ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले रैना के नाम तमाम उपलब्धियां दर्ज हैं, जिन्हें पीछे छोड़ पाना बेहद मुश्किल होगा। बाएं हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज के लखनऊ से जुड़ाव पर खास रिपोर्ट।
लखनऊ में रहकर चमकी सुरेश रैना की किस्मत, यूपी क्रिकेट को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई
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लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज से की शुरुआत
वर्ष 1999 में शहर के गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज से बतौर बल्लेबाज अपना कॅरिअर शुरू करने वाले सुरेश रैना की प्रतिभा को कोच दीपक शर्मा ने पहचाना। शर्मा ने रैना को आक्रामक अंदाज में ही बल्लेबाजी जारी रखने को कहा। कुछ ही सालों में उनका नाम विश्व के सर्वश्रेष्ठ विस्फोटक बल्लेबाजों में शामिल हो गया।
कॉलेज में रहकर उन्होंने यूपी के जूनियर वर्ग में खेलना शुरू किया। इस दौरान उनका चयन देश की अंडर-17 टीम में श्रीलंका के टूर के लिए हुआ। बाद में रैना भारत अंडर-19 टीम से इंग्लैंड दौरे पर भी गए।
स्पोर्ट्स हॉस्टल में मिला बड़ा मौका
कॉलेज में 12वीं की शिक्षा के बाद रैना वर्ष 2003 में गोमतीनगर स्पोर्ट्स हॉस्टल में चले गए। यहां कोच पीके गुप्ता ने इस खिलाड़ी के कॅरिअर को बड़ा बनाने में अहम भूमिका निभाई। तीन साल के हॉस्टल प्रवास के दौरान बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अंडर-19 एशिया कप और अंडर-19 वर्ष वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने आतिशी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। रैना को 30 जुलाई 2005 में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू का मौका भी मिल गया।
लखनऊ लीग में लगाया रनों का अंबार
स्पोर्ट्स कॉलेज और हॉस्टल में करीब छह साल बिताने के दौरान सुरेश रैना ने लखनऊ क्रिकेट लीग में रनों का अंबार लगा दिया। कॉलेज हॉस्टल के अलावा रैना को अपनी टीम से खेलने के लिए तमाम क्लब लाइन में लगे रहते थे। रैना ने अपनी सादगी से सभी को मुरीद बना लिया। बीसीसीआई के स्कोरर एसपी सिंह ने बताया कि मैंने रैना को लखनऊ लीग से लेकर देश के लिए खेलते देखा, लेकिन उनका व्यवहार हमेशा सबके लिए बहुत अच्छा रहा।
हमेशा चैंपियन रहेंगे रैना
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ज्ञानेंद्र पांडेय का कहना है कि रैना मेरे लिए हमेशा चैंपियन रहेंगे। उन्होंने यूपी क्रिकेट को अलग स्तर पर पहुंचाने में काफी योगदान दिया। मेरे विचार से अभी रैना में दो से तीन साल की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बची हुई थी, लेकिन मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं। हमने काफी शानदार समय बिताया है। उम्मीद है कि रैना आईपीएल में रंग जमाते रहेंगे।