फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बहुगुणा ने इंदिरा गांधी को क्यों कहा था गूंगा प्रधानमंत्री, जानें- पूरा मामला

Mon, 02 Sep 2019 03:10 PM IST
ishwar ashish अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 02 Sep 2019 03:10 PM IST
विज्ञापन
story related to hemwati nandan bahuguna
हेमवती नंदन बहुगुणा - फोटो : अमर उजाला

हेमवतीनंदन बहुगुणा की विशेषता यह थी कि वह सदन में किसी बात को कहने में बिल्कुल नहीं हिचकते थे। सामने वाला भले ही कितना भी ताकतवर क्यों न हो। उच्च संसदीय परंपरा के अनुसार वह अपने विरोधियों की भी बात सुनते थे। पर, कोई असंवैधानिक और परंपराओं के विरुद्ध काम उन्हें पसंद नहीं था।

story related to hemwati nandan bahuguna
हेमवती नंदन बहुगुणा - फोटो : amar ujala

उन्होंने 14 अक्तूबर 1981 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पत्र लिखकर कहा था, ‘हम लोग आपके सुझाव किसी भी कीमत को चुकता कर सब कुछ करने को तैयार हैं। पर, हमें उन विकास कार्यों को नहीं रोकना चाहिए जिनकी जड़ें देश की स्थिरता से जुड़ी हैं। उन्हें श्रेष्ठ वक्ताओं में शुमार किया जाता था।

story related to hemwati nandan bahuguna
इंदिरा गांधी

 बात उन दिनों की है जब वह लोकसभा के सदस्य थे। पत्रकार रामनरेश त्रिपाठी ने संस्मरण लिखा है, ‘उन दिनों पंजाब में आतंकी घटनाओं का बोलबाला था। आए दिन कोई न कोई बड़ी घटना पंजाब में घट रही थी। लोगों की हत्याएं हो रही थीं। पर, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नीतियों और उनके चुप रहने से बहुगुणा बहुत खिन्न थे। वह चाहते थे कि इस तरह कोई बात न की जाए जिससे सिखों में अलगाववादी भावना फैले। एक दिन सदन में वह खुद को रोक नहीं सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
story related to hemwati nandan bahuguna
हेमवती नंदन बहुगुणा - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने आक्रामक भाषा में कहा, ‘संसद को गूंगा प्रधानमंत्री नहीं चाहिए। पंजाब की समस्या दरबारी राजनीति की उपज है। धर्म के नाम पर राष्ट्र कभी नहीं चलते। यदि आधा फीसदी आदमी भी खालिस्तान की मांग नहीं कर रहा है तो इसका प्रचार क्यों किया जाए। सिखों के खिलाफ जहर क्यों उगलें। इससे कोई बड़ा दुष्परिणाम सामने आ सकता है।’

विज्ञापन
story related to hemwati nandan bahuguna
इंदिरा गांधी
बहुगुणा की इतनी आक्रामक भाषा में जवाब देना इंदिरा गांधी को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। वह उनसे और ज्यादा नाराज हो गईं। बहुगुणा को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा। पर, आखिरकार बहुगुणा की ही बात सही साबित हुई।’        
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed