हर कोई अपने-अपने तरीके से कोविड से पैदा हुए हालात से निकलने की कोशिश कर रहा है। बंद कमरों से बाहर कश्मीर की वादियों और उत्तराखंड की पहाड़ी इलाकों की सैर की कल्पना मात्र से मन खुशनुमा हो जाता है, क्या होगा जब वहां आप खुद मौजूद होंगे। अब इंतजार खत्म हो गया है। घुमक्कड़ी शुरू हो चुकी है। घुमक्कड़ों के साथ-साथ आपकी ट्रिप को एक सही दिशा देने वाले टूरिस्ट एडवाइजर भी एकदम तैयार हैं। थोड़े समय पहले तक कहा जा रहा था कि पर्यटन उद्योग सबसे अंत में गति पकड़ेगा। फिलहाल इस क्षेत्र से भी अच्छी खबरें मिलने लगी हैं। टूर के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन का पूरा-पूरा ख्याल रखा जा रहा है। 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर कुछ बातें घुमक्कड़ों, घुमक्कड़ी और ट्रैक पर लौटते पर्यटन उद्योग के बारे में...।
विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष: कोरोना कॉल में सैर-सपाटा कर बोरियत मिटाएं, जानें-कैसे करें प्लान
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फैमिली रीयूनियन ट्रिप पर जोर
दीप्ति द वंडरर, खुद एक बहुत बड़ी घुमक्कड़ होने के साथ-साथ ट्रिप एडवाइजर भी हैं। अपने घुमक्कड़ी के जुनून के कारण वे अपने नाम में सरनेम की जगह द वंडरर लगाती हैं। फिलहाल उन्होंने नवंबर के लिए दुधवा में कैंप टूर की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के लिए फैमिली रीयूनियन ट्रिप प्लान किया है। दो-दो परिवार या फिर दस सदस्यों वाले एक परिवार के लिए ट्रिप होगा। वे कहती हैं कि इससे बाहरी लोगों के संपर्क में आने से भी बचेंगे। इस बार इंटरनेशनल टूर ज्यादा नहीं हैं, इसलिए डोमेस्टिक टूर लोगों की पहली पसंद हैं।
दिवाली की छुट्टियां कश्मीर में मनाने की तैयारी
ट्रिप एडवाइजर सोनिया गुलाटी सितंबर के शुरुआती 15 दिन कश्मीर की सैर करके लौटी हैं। कहती हैं कि अनलॉक के बावजूद लोगों में कोरोना को लेकर डर है। इस डर को मिटाने के लिए ही मैंने कश्मीर की सोलो ट्रिप पूरी की है। इस दौरान पहाड़ों में लोग ट्रैकिंग कर रहे हैं। इसे देखते हुए खूबसूरत वादियों में ट्रैकिंग का टूर बनाया है।
दरअसल, कोविड टेस्ट को लेकर लोग झिझक रहे हैं। फिलहाल हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड ने भी इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी है। दिवाली की छुट्टियां लोग कश्मीर में मनाने की योजना बना रहे हैं। दीप्ति कहती हैं कि हमने जिस कैंप की तैयारी की है, वहां ओजेनेटर से इलाके को सैनिटाइज करने का प्रबंध किया है।
25 फीसदी पर्यटकों ने शुरू कर दी बुकिंग
टूर एडवाइजर शीराज कहते हैं कि हमने एक जून से ऑफिस खोल दिया था। हिमाचल प्रदेश, केरल, गोवा, पोर्टब्लेयर, राजस्थान, कश्मीर, उत्तराखंड, नॉर्थईस्ट पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। 25 फीसदी पर्यटकों ने बुकिंग शुरू कर दी है। 50 फीसदी लोग इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि साल के अंत तक लोगों की हिचक टूटेगी। दुबई, मालदीव की यात्रा के लिए लोग तैयार हैं, कुछ रवाना भी हो चुके हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- ऑनलाइन बुकिंग से बचें। ट्रिप एडवाइजर से मिलकर बात करें, एक अच्छा होटल तय करें।
- ध्यान दें कि ट्रिप एडवाइजर वाहन उपलब्ध कराते वक्त सैनिटाइजेशन का खयाल रख रहा है या नहीं।
- अच्छे टूर कंसल्टेंट ने कुछ होटलों के पैनल तैयार कर रखें, जो हाईजीन व सैनिटाइजेशन को तवज्जों दे रहे हैं, उनसे संपर्क करें।
- पहाड़-जंगलों को संक्रमण मुक्त माना जा रहा है, यहां जाना सुरक्षित होगा।