‘मैं गोमती हूं...। मैंने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं...। मेरी आंखों के सामने ही अवध की सरजमीं पर गंगा-जमुनी तहजीब पली-बढ़ी...। मेरी नजरों के आगे ही क्रांतिकारियों के खून से सड़कें रंगी गई...’। सतरंगी रोशनी के बीच जल्द ही कुछ इसी अंदाज में गोमती की जुबानी गदर की कहानी सुनने को मिलेगी।
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रेजीडेंसी में फिर गूंजेगी गदर की कहानी, आपको ऐसे लुभाएगी ये ऐतिहासिक इमारत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 21 Apr 2018 04:21 PM IST
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दरअसल, 1857 के गदर की गवाह रही ऐतिहासिक धरोहर रेजीडेंसी में साउंड एंड लाइट शो शुरू करने की कवायद एक बार फिर कवायद शुरू होने जा रही है। शो में अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह को अंग्रेजों से मिली शिकस्त और उसके बाद शुरू हुए गदर की कहानी ध्वनि व प्रकाश के जरिए सुनाने की योजना बनी है।
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गौरतलब है कि करीब चार साल पहले योजना शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अड़ंगा लगा दिया था। दरअसल, पर्यटन विभाग को रेजीडेंसी में स्ट्रक्चर बनवाना था, जिस पर एएसआई ने नियमों का हवाला देते हुए खुदाई की इजाजत नहीं दी। इससे प्रोजेक्ट अटक गया था। पर, अब एएसआई व पर्यटन विभाग के बीच सहमति बन गई है, जिससे जल्द ही यह योजना परवान चढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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45 मिनट के शो के लिए 25 रुपये टिकट
रेजीडेंसी में 45-45 मिनट के शो चलाए जाएंगे, जिसमें म्यूजिक व लाइट की जुगलबंदी के जरिए 1857 की क्रांति व अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह की कहानी सुनाई जाएगी। रोजाना दो से तीन घंटे तक शो चलाए जाएंगे। प्रत्येक शो के लिए 25 रुपये का टिकट रखा गया है, जोकि प्रवेश टिकट से अलग होगा।
रेजीडेंसी में 45-45 मिनट के शो चलाए जाएंगे, जिसमें म्यूजिक व लाइट की जुगलबंदी के जरिए 1857 की क्रांति व अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह की कहानी सुनाई जाएगी। रोजाना दो से तीन घंटे तक शो चलाए जाएंगे। प्रत्येक शो के लिए 25 रुपये का टिकट रखा गया है, जोकि प्रवेश टिकट से अलग होगा।
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5.57 करोड़ रुपये होंगे खर्च
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शो के लिए 5.57 करोड़ रुपये का बजट राजकीय निर्माण निगम की ओर से भेजा गया है, जिसमें साउंड सिस्टम, लाइट, वायरिंग, पाथ-वे व पर्यटकों के बैठने के लिए करीब 500 कुर्सियां खरीदी जाएंगी। कुल बजट में पांच करोड़ रुपये पर्यटन मंत्रालय, नई दिल्ली देगी, जबकि शेष खर्च उप्र पर्यटन निदेशालय उठाएगा।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शो के लिए 5.57 करोड़ रुपये का बजट राजकीय निर्माण निगम की ओर से भेजा गया है, जिसमें साउंड सिस्टम, लाइट, वायरिंग, पाथ-वे व पर्यटकों के बैठने के लिए करीब 500 कुर्सियां खरीदी जाएंगी। कुल बजट में पांच करोड़ रुपये पर्यटन मंत्रालय, नई दिल्ली देगी, जबकि शेष खर्च उप्र पर्यटन निदेशालय उठाएगा।