श्री राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भ गृह की तस्वीरें सामने आई हैं। उधर, राममंदिर जाने वाले तीनों मार्गों को विकसित करने का काम तेज हो गया है। रामपथ, जन्मभूमि पथ व भक्तिपथ को विकसित करने के काम में तेजी लाने का निर्देश सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया है। जिसके बाद गुरुवार को डीएम नितीश कुमार ने बैठक कर अधिकारियों को मार्ग निर्माण के काम तेज करने की सख्त हिदायत दी थी। रामजन्मभूमि कॉरीडोर न सिर्फ अयोध्या की भव्यता बढ़ाएगा बल्कि रोजगार के भी अवसर बनेंगे।
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Ram Mandir: सामने आईं गर्भ गृह की तस्वीरें, मंदिर जाने वाले मार्गों को विकसित करने का काम भी तेज
Fri, 26 Aug 2022 11:07 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ।
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 26 Aug 2022 11:07 PM IST
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राम मंदिर
- फोटो : ट्विटर
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राम मंदिर
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सबसे पहले राम जन्मभूमि पथ का निर्माण शुरू होगा। जिसकी निविदा निकाली जा चुकी है। इसके बाद भक्ति पथ और रामपथ को विकसित करने का काम होगा। रामजन्मभूमि कॉरीडोर के निर्माण के लिए योगी सरकार ने 700 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है।
राम मंदिर
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राममंदिर के तीनों मार्गों को विकसित करने के दौरान विस्थापित हो रहे दुकानदारों को सौहार्दपूर्ण ढंग से स्थानांतरित करने की योजना पर प्रशासन काम कर रहा है। ये तीनों मार्ग स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किए जाएंगे।
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राम मंदिर
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राममंदिर जाने वाले तीनों रास्ते
रामपथ- सहादतगंज से नयाघाट - लंबाई 13 किमी.
जन्मभूमि पथ- सुग्रीव किला से राममंदिर- लंबाई दो किमी.
भक्तिपथ- शृंगारहाट से श्रीरामजन्म भूमि- लंबाई 850 मीटर
रामपथ- सहादतगंज से नयाघाट - लंबाई 13 किमी.
जन्मभूमि पथ- सुग्रीव किला से राममंदिर- लंबाई दो किमी.
भक्तिपथ- शृंगारहाट से श्रीरामजन्म भूमि- लंबाई 850 मीटर
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राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
रामपथ, जन्मभूमि पथ व भक्तिपथ को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। रामपथ के लिए तीन टीमें सर्वे का कार्य कर रही हैं। भक्तिपथ के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। वहीं जन्मभूमि पथ के निर्माण के लिए भी निविदा निकाली जा चुकी हैं। विस्थापित हो रहे दुकानदारों को स्थापित करना प्राथमिकता है। अगले कुछ ही महीनों में रामजन्मभूमि कॉरीडोर आकार लेता नजर आएगा। कॉरीडोर से न सिर्फ भव्यता बढ़ेगी बल्कि रोजगार व आर्थिक तरक्की के द्वार भी खुलेंगे।- अमित सिंह, एडीएम प्रशासन