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पीईटी 2026: 7.87 लाख अभ्यर्थी हुए शामिल, 22 संदिग्ध अभ्यर्थी पकड़े गए, एक के पास मिली ब्लू टूथ डिवाइस
Fri, 30 Oct 2026 07:21 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 30 Oct 2026 07:21 PM IST
सार
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 के दूसरे दिन झांसी में एक अभ्यर्थी को ब्लू टूथ डिवाइस के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं, 22 संदिग्ध अभ्यर्थी पकड़े गए।
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परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 के दूसरे दिन की परीक्षा शुक्रवार को प्रदेशभर में पारदर्शी, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न हुई। लिखित परीक्षा का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को तीन दिनों में दो पालियों (सुबह 10 से 12 बजे तथा दोपहर 3 से 5 बजे) में आयोजित की जा रही है।
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दूसरे दिन की परीक्षा में झांसी में एक अभ्यर्थी आकाश पटेल के पास ब्लूटूथ डिवाइस मिलने पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। पहली पाली में 13 और दूसरी पाली में 9, कुल 22 अभ्यर्थी एआई मैचिंग के माध्यम से संदिग्ध पाए गए। मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 60 जनपदों के 1372 परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है। तीनों दिनों के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। 30 अक्टूबर को आवंटित 11,80,434 अभ्यर्थियों में से 7,87,964 अभ्यर्थी (66.75 प्रतिशत) परीक्षा में उपस्थित हुए।
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परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 2744 सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा लगभग 93,738 अधिकारियों-कार्मिकों को तैनात किया गया। परीक्षा केंद्रों पर लगे 31,602 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी आयोग मुख्यालय के कंट्रोल रूम से की गई। प्रत्येक परीक्षा जनपद के लिए अलग हेल्पलाइन भी संचालित की गई।
अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर फेसियल रिकग्निशन (एआई), आधार आधारित प्रमाणीकरण तथा प्रत्येक उपस्थित अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक डाटा (फोटो और आईरिस) कैप्चर किया गया। परीक्षा ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मियों की भी बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग की गई। मोबाइल, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, स्मार्ट ग्लास आदि प्रतिबंधित सामग्री लाने पर रोक लगाई गई। 20 जनपदों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए। जिला प्रशासन, पुलिस, एसटीएफ, इंटेलिजेंस तथा सेक्टर-स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के सहयोग से परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। अभ्यर्थियों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त बसें और ट्रेनें भी चलाई गईं।