सिपाही भर्ती 2018 के तहत हुई सोमवार को पहले दिन की परीक्षा के दौरान दिन भर पेपर लीक होने की अफवाहें उड़ती रही। हालांकि भर्ती बोर्ड, एसटीएफ और जिला पुलिस की सक्रियता से इस परीक्षा में सेंधमारी की तमाम कोशिशें नाकाम हो गईं। सबसे पहले फिरोजाबाद से सूचना आई कि भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इसे लखनऊ में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों अफवाह बताया। कहा, इसकी जांच कराई जा रही है। वहीं, कई जिलों में मुन्नाभाई के भी पकड़े जाने की सूचना है।
पहले दिन नौ लाख अभ्यर्थियों ने दी सिपाही भर्ती परीक्षा, डीजीपी ने खुद किया निरीक्षण, तस्वीरें
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लखनऊ में डीजीपी ओपी सिंह खुद औचक निरीक्षण को निकले। उन्होंने चिनहट स्थित प्रज्ञा बालिका इंटर कॉलेज, गोमतीनगर स्थित बिहारी लाल महेश प्रसाद हायर सेकेंडरी स्कूल, खरगापुर व हसनगंज के अंतर्गत अवध इंटरमीडिएट कालेज, खदरा परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं को चेक कर सुरक्षा कर्मियों को जरूरी निर्देश दिए। (चिनहट के प्रज्ञा बालिका इंटर कॉलेज में निरीक्षण के लिए पहुंचे डीजीपी ओम प्रकाश सिंह।)
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन जीपी शर्मा ने बताया कि पूरे प्रदेश में पहले दिन करीब नौ लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं, 20 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। उन्होंने बताया कि पहले दिन दोनों पालियों के प्रश्नपत्रों के 24-24 सेट तैयार कराए गए थे और 24 अभ्यर्थियों का ब्लॉक बनाकर उन्हें बैठाया गया था। यानी एक रूम में 24 तरह के प्रश्नपत्र दिए गए थे। इससे परीक्षा में सेंधमारी की संभावना न के बराबर रही।
मॉनिटरिंग के लिए जोनल मुख्यालय भेजे गए थे अफसर
परीक्षा की मॉनिटरिंग के लिए भर्ती बोर्ड से अफसरों को ऑब्जर्बर बनाकर जोनल मुख्यालय भेजा गया था। इस कड़ी में एडीजी दीपेश जुनेजा को मेरठ भेजा गया था जबकि एडीजी तनुजा श्रीवास्तव को लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई थी। (बहराइच में महात्मा बुद्घ विद्या पीठ में भर्ती परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।)
भर्ती बोर्ड सदस्य पीके मिश्रा को कानपुर नगर और एएसपी हफीजुर्रहमान को इलाहाबाद भेजा गया था। सदस्य आरके चतुर्वेदी को वाराणसी और राकेश प्रधान को गोरखपुर जोनल मुख्यालय भेजा गया था। इसी तरह रमाकांत प्रसाद को बरेली भेजा गया था।