लखनऊ के डालीगंज स्थित केके अस्पताल में मंगलवार को एक मरीज की मौत के बाद ढाई घंटे तक जमकर बवाल हुआ। इस हंगामे के बीच एक और मरीज की मौत हो गई। तीमारदार ने अस्पताल संचालक सहित तीन के खिलाफ मारपीट, बंधक बनाने, एससी एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अस्पताल संचालक ने भी तीमारदार को आरोपी बताते हुए उसके खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
के के अस्पतालः मरीज की मौत के बाद हंगामा, इस बीच दूसरे की गई जान, यह था मामला
यह था मामला
भर्ती पूर्व सैनिक की नाक में जबरन फूड पाइप डालने का आरोप
रायबरेली निवासी और पूर्व फ्लाइंग ऑफिसर हनुमान सिंह (69) को सांस की बीमारी थी। उन्हें डालीगंज स्थित केके अस्पताल में पिछले सप्ताह भर्ती कराया गया। इलाज के बाद 19 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके दो दिन बाद 21 अप्रैल को फिर तबीयत बिगड़ गई। उनके बेटे हेड कॉन्स्टेबल विमलेश ने उन्हें दोबारा भर्ती कराया। इस दौरान उन्हें आईसीयू में रखा गया। विमलेश का आरोप है कि उसके पिता मुंह से खाना और दवा ले रहे थे। इसके बाद भी मंगलवार सुबह सात बजे वार्ड ब्वॉय ने तीमारदारों को कमरे से बाहर निकाल दिया। वह मरीज की नाक में जबरदस्ती ट्यूब डाल रहा था। कमरे से झांक कर देखा तो वह छटपटा रहे थे। मना करने के बाद भी नहीं माना। गलत तरीके से नली डालने की वजह से उसके पिता की मौत हो गई। वार्ड ब्यॉय का विरोध करने पर विवाद शुरु हुआ ।
तीमारदार का आरोप
विरोध किया तो मारपीट की, बंधक बना लिया
अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षाकर्मियों को बुला लिया और मारपीट शुरू कर दी जिससे उसके भतीजे के दाहिने हाथ में फ्रेक्चर गया। इतना ही नहीं उसकेऔर उसके भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं। इसके बाद उन्हें अस्पताल के बेसमेंट में बंधक बना लिया गया। किसी तरह पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उन्हें छुड़ाया। इस संबंध में विमलेश ने वजीरगंज थाने में केके हॉस्पिटल के संचालक डॉ. केके सिंह, डॉ जय नारायण और कम्पाउंडर नीरज त्रिपाठी और स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया।
अस्पताल प्रशासन का आरोप
आईसीयू में भर्ती मरीज की हो गई मौत
इधर मारपीट और बवाल चल रहा था, उधर आईसीयू में भर्ती रजनी (55) नामक मरीज की भी मौत हो गई। हंगामा के बीच अन्य मरीज भी सहमे रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जिस वक्त हंगामा हुआ, उस वक्त रजनी को सीपीआर दी जा रही थी। मारपीट होने पर डॉक्टर व अन्य स्टाफ वहां से भाग गया और रजनी का इलाज प्रभावित हुआ।
जिम्मेदार कहते हैं
खाना देेने से मना करने पर आक्रोशित हुआ तीमारदार
मरीज की हालत गंभीर थी। फेफड़े काम नहीं कर रहे थे। हार्ट में भी समस्या थी, वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। परिवारीजन खाना दे रहे थे, मना करने पर आक्रोशित हो गई। आईसीयू में घुस गया तीमारदार, इस दौरान वहां भर्ती अन्य मरीज रजनी की सीपीआर छोड़ डॉक्टर व स्टाफ भाग गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह ढाई घंटे तक अस्पताल में हंगामा करता रहा। जमकर तोड़फोड़ की। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में दर्ज है। पुलिस को तहरीर दी गई है। - डॉ. केके सिंह, अस्पताल संचालक