केजीएमयू में आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग में रेजीडेंट डॉक्टर विवेक कुमार ने बुद्धा हॉस्टल में अपने कमरे में खुदकुशी करने की कोशिश की। सोमवार सुबह करीब पांच बजे डॉ. विवेक ने अपनी कलाई की नस काट ली।
डॉॅ. विवेक को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। साथियों का कहना है कि काम के बोझ के चलते डॉ. विवेक अवसाद में रहते थे। यही नहीं इसके लिए वे दवाएं भी ले रहे थे। डॉ. विवेक ने पिछले साल ही आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग में जॉइन किया। साथियों का कहना है कि डॉ. विवेक जॉइन करने के बाद से ही काम को लेकर दबाव में थे। लगातार 24 से 30 घंटे काम करने से उन्हें अवसाद की शिकायत हो गई थी।
करीब तीन माह पहले वरिष्ठों से उनका झगड़ा भी हुआ था। आरोप है कि उनके साथ मारपीट भी हुई थी जिसके बाद से वे डिप्रेशन की दवाएं ले रहे थे। नस काटने से पहले उन्होंने कुछ दवाएं भी ली थीं। जिसके रैपर कमरे में पड़े मिले।
नहीं उठा रहे थे फोन
डॉक्टरों के मुताबिक डॉ. विवेक सुबह से अपने घरवालों का फोन नहीं उठा रहे थे। इसपर कुछ ठीक न लगने की आशंका पर मां ने विवेक के भाई और उसके दोस्त विनय को देखने को भेजा। दोपहर करीब 12 बजे वह पहुंचे तो दरवाजा बाहर से खुला पड़ा था। अंदर गए तो हाल देखकर उनके होश उड़ गए।
चीफ प्रॉक्टर से कहा- मैं इस हालत के लिए खुद जिम्मेदार
मामले की जानकारीपर चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने ट्रॉमा कैजुअल्टी पहुंच कर डॉ. विवेक का हालचाल लिया। उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाने के बारे में पूछा तो डॉ. विवेक ने कहा कि इसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं।