पखवारे भर से सोना और चांदी चमक रहे हैं। चांदी की कीमत बढ़ने से बाजार में निवेशक जुटे हैं और रौनक आई है। वहीं, सोना महंगा होने से खरीदार गायब हैं और सन्नाटा छा गया है। चांदी की कीमत लगातार बढ़ रही है, जिसने निवेशकों को लुभाया है। वे चांदी में निवेश कर रहे हैं। लखनऊ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र नाथ रस्तोगी ने बताया कि 12 जुलाई तक सहालग के चलते सोने एवं चांदी के गहनों का अच्छा कारोबार चला। इसके बाद से बाजार में सन्नाटा होना शुरू हुआ। 26 अगस्त को सोना सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 40,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव तक पहुंचा। इससे जो थोड़े-बहुत गहने बिकते थे वह भी बंद हो गए। हालांकि, चांदी की कीमत बढ़ी तो खरीदार नहीं, बल्कि उसमें निवेश करने वाले बाजार में उमड़े हैं।
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चांदी महंगी फिर भी रौनक, सोने के बाजार में सन्नाटा नवरात्र में बढ़ेगी चमक
Wed, 04 Sep 2019 04:34 PM IST
ishwar ashish
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 04 Sep 2019 04:34 PM IST
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सोना और चांदी
- फोटो : अमर उजाला
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- फोटो : social media
रोज बिक रही दोगुनी चांदी
सराफा के प्रमुख बाजार अमीनाबाद, चौक, आलमबाग, महानगर, भूतनाथ एवं पत्रकारपुरम के कारोबारियों के मुताबिक अमूमन रोजाना 100 किलो चांदी बिकती है। इन दिनों यह आंकड़ा लगभग 200 किलो हो गया है। वहीं, 100 किलो से अधिक चांदी बेचने वे ग्राहक भी आ रहे हैं, जिन्होेंने पहले इसमें निवेश किया था। चौक के कारोबारी आदीश जैन ने बतायाकि उम्मीद है कि चांदी जल्द 50 हजार रुपये किलो का आंकड़ा पार करेगी। वहीं, सोने की एक दिन की बिक्री घटकर करीब 10 किलो रह गई है। आम तौर पर यह आंकड़ा 50 किलो के करीब रहता है।
सराफा के प्रमुख बाजार अमीनाबाद, चौक, आलमबाग, महानगर, भूतनाथ एवं पत्रकारपुरम के कारोबारियों के मुताबिक अमूमन रोजाना 100 किलो चांदी बिकती है। इन दिनों यह आंकड़ा लगभग 200 किलो हो गया है। वहीं, 100 किलो से अधिक चांदी बेचने वे ग्राहक भी आ रहे हैं, जिन्होेंने पहले इसमें निवेश किया था। चौक के कारोबारी आदीश जैन ने बतायाकि उम्मीद है कि चांदी जल्द 50 हजार रुपये किलो का आंकड़ा पार करेगी। वहीं, सोने की एक दिन की बिक्री घटकर करीब 10 किलो रह गई है। आम तौर पर यह आंकड़ा 50 किलो के करीब रहता है।
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73,600 रुपये तक पहुंच चुकी है चांदी
मई 2011 में चांदी 73,600 रुपये प्रति किलो का आंकड़ा छू चुकी है। इसके बाद चांदी लुढ़की तो लगभग आठ साल तक नहीं संभल सकी। चौक के कारोबारी उमेश पाटिल के मुताबिक मई 2011 से मई 2019 तक चांदी 36 से 42 हजार के बीच ही झूलती रही।
मई 2011 में चांदी 73,600 रुपये प्रति किलो का आंकड़ा छू चुकी है। इसके बाद चांदी लुढ़की तो लगभग आठ साल तक नहीं संभल सकी। चौक के कारोबारी उमेश पाटिल के मुताबिक मई 2011 से मई 2019 तक चांदी 36 से 42 हजार के बीच ही झूलती रही।
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दस दिन में 3400 रुपये उछली चांदी
महानगर के कारोबारी अजय अग्रवाल के मुताबिक चांदी दस दिन में 3400 रुपये किलो उछली है। 25 अगस्त को जो चांदी 44,300 रुपये किलो में बिकी, उसकी तीन सितंबर को कीमत 47,700 रुपये हो गई। इससे चांदी बेचने वाले दौड़ पडे़ हैं। जिनके पास पहले से चांदी का स्टाक था, वे बेच रहे हैं। इनमें कारोबारी एवं निवेशक शामिल हैं।
महानगर के कारोबारी अजय अग्रवाल के मुताबिक चांदी दस दिन में 3400 रुपये किलो उछली है। 25 अगस्त को जो चांदी 44,300 रुपये किलो में बिकी, उसकी तीन सितंबर को कीमत 47,700 रुपये हो गई। इससे चांदी बेचने वाले दौड़ पडे़ हैं। जिनके पास पहले से चांदी का स्टाक था, वे बेच रहे हैं। इनमें कारोबारी एवं निवेशक शामिल हैं।
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नवरात्र में बढ़ेगी सोने की चमक
कारोबारियों का कहना है कि सोने की चमक नवरात्र में बढ़ेगी, यानी गहने बिकेंगे। तब तक कारोबारियों को इंतजार करना पड़ेगा। नवरात्र में सोने के गहने खरीदने की शुरुआत बंगाली समाज से होती है। इसके बाद सहालग चलती है। इसके लिए थोक कारोबारी सोने एवं चांदी के गहने तैयार कराने में जुटे हैं।
कारोबारियों का कहना है कि सोने की चमक नवरात्र में बढ़ेगी, यानी गहने बिकेंगे। तब तक कारोबारियों को इंतजार करना पड़ेगा। नवरात्र में सोने के गहने खरीदने की शुरुआत बंगाली समाज से होती है। इसके बाद सहालग चलती है। इसके लिए थोक कारोबारी सोने एवं चांदी के गहने तैयार कराने में जुटे हैं।