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लग्जरी ट्रेनों से रेलवे कर रहा कमाई लेकिन सुविधाओं पर नहीं दे रहा ध्यान, सुरक्षा इंतजाम भी नाकाफी

Mon, 25 Nov 2019 12:44 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 25 Nov 2019 12:44 PM IST
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railway administration is not giving attention on the passenger facilities in luxury trains
प्रतीकात्मक तस्वीर

लग्जरी ट्रेनों से रेलवे कमाई तो कर रहा है। पर, इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को पर्याप्त सुविधाएं मयस्सर नहीं हैं। सिटिंग अरेंजमेंट, लिनेन, खानपान व साफ-सफाई जैसी सहूलियतों केलिए उन्हें सोशल मीडिया पर शिकायतें दर्ज करानी पड़ती हैं। सूत्रों की मानें तो दस हजार से अधिक शिकायतें ट्रेनों में सोशल मीडिया पर दर्ज हो चुकी हैं। दरअसल, पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ट्रेनों में साफ-सफाई के लिए जहां ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग सर्विसेज की शुुरुआत की थी और मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री शुरू करवाई। वहीं दूसरी ओर कैटरिंग केलिए नई पॉलिसी बनाई गई। लेकिन बावजूद इसके शिकायतों पर विराम नहीं लग रहा है। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे की प्रमुख ट्रेनें भी इसमें शामिल हैं।

railway administration is not giving attention on the passenger facilities in luxury trains
प्रतीकात्मक तस्वीर

मसलन, लखनऊ मेल, शताब्दी, हमसफर, गोमती एक्सप्रेस, एसी एक्सप्रेस तक में शिकायतें आती हैं और उन पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। 180 से अधिक ट्रेनें ऐसी हैं, जिसमें शिकायतों के अंबार लगते जा रहे हैं। रेलवे इन ट्रेनों से अपनी जेबें तो भर रही है, लेकिन कमाई का कुछ हिस्सा भी सुविधाओं पर खर्च किया जाता तो यात्रियों को राहत हो जाती। डीआरयूसीसी सदस्य एसएस उप्पल ने बताया कि रेलवे जब यात्रियों से कमाई कर रहा है तो यह उसकी ड्यूटी बनती है कि उनकी शिकायतों को जड़ से समाप्त कर दिया जाए। रेलवे तमाम तामझाम करती है, लेकिन ट्रेनों की समयसारिणी सुधारने पर फोकस नहीं है। टाइम सुधर जाए तो आधी समस्याएं खुद हल हो जाएंगी।

railway administration is not giving attention on the passenger facilities in luxury trains
प्रतीकात्मक तस्वीर
सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी
ट्रेनों में सेफ्टी के इंतजाम नाकाफी होने की शिकायतें भी दर्ज हुई हैं। मसलन, जर्जर बोगियां व खराब रैक होने से कहीं कपलिंग टूटने की शिकायतें आती हैं तो कहीं बेगमपुरा जैसी ट्रेनों की स्प्रिंग टूट जाती है और यात्री घंटों परेशान होते हैं। ट्रेनों में चोरी की शिकायतें रोकने केप्रयास भी नाकाफी हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ये हैं शिकायतें
शताब्दी एक्सप्रेस

-खाने की खराब गुणवत्ता
-ट्रेन पर पथराव से होने वाली दिक्कतें
-फ्लेक्सी प्राइसिंग को लेकर नाराजगी

हमसफर एक्सप्रेस
-जबरदस्त लेटलतीफी
-गंदे व बदबूदार शौचालय
-खानपान की व्यवस्था का अभाव

लखनऊ मेल
-चूहों व कॉक्रोच की समस्या
-लिनेन की शिकायतें
-फटी सीटें, सिटिंग अरेंजमेंट
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प्रतीकात्मक तस्वीर
इन ट्रेनों के यात्री भी हैं परेशान
इन लग्जरी ट्रेनों के अतिरिक्त दर्जनों ट्रेनें ऐसी हैं, जो रेलवे को राजस्व तो दे रही हैं लेकिन उनमें यात्रियों को सुविधाएं मयस्सर नहीं हैं। इसमें फरक्का, दून एक्सप्रेस, पंजाब मेल, राप्तीसागर, सप्तक्रांति व सम्पर्कक्रांति शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों की मानें तो इन ट्रेनों में खानपान से लेकर रिजर्वेशन की बोगियों में दैनिक यात्रियों द्वारा सीट कब्जा कर लेने की शिकायतें आती रही हैं।
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