प्रमोशन में आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर आरक्षण समर्थक और विरोधियों ने शुक्रवार को सड़क पर उतर कर अपनी ताकत का अहसास कराया।
एक तरफ जहां आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने 117वें संशोधन बिल को लोकसभा में पारित नहीं कराने पर आगामी चुनाव में भाजपा समेत अन्य विरोधी दलों को सबक सिखाने की चेतावनी दी है।
वहीं, आरक्षण विरोधी संगठन सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने बिल पारित कराने में भूमिका निभाने वाले राजनीतिक दलों का चुनाव में बहिष्कार करने की धमकी दी है।
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के बैनर तले रैली परिवर्तन चौक से निकलकर स्टेडियम, हलवासिया होते हुए जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई। सभा को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि श्रेष्ठता का अपमान सहा नहीं जाएगा। इस दौरान एक प्रस्ताव पारित किया गया कि बिल को अगर संसद से पारित कराने की कोशिश की गई तो प्रदेश के 18 लाख कर्मचारी व आठ लाख शिक्षक बिना नोटिस बेमियादी हड़ताल शुरू करेंगे।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि केंद्र व राज्य सरकार के लगभग चार करोड़ कर्मचारी व शिक्षक अपने वोट के जरिये आरक्षण बिल पारित करने की कोशिश का विरोध करेंगे। इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से आमजन को अवगत कराने केलिए भी व्यापक अभियान चलाने और सांसदों व विधायकों को ज्ञापन देने का भी निर्णय लिया गया है। इस मौके पर आरक्षण का समर्थन करने वाले और इस मामले में स्पष्ट घोषणा न करने वाले राजनीतिक दलों को चुनाव में सबक सिखाने का संकल्प लिया गया।