{"_id":"5b9b80cf867a557f5d4c36b7","slug":"precautions-to-be-taken-avoid-swine-flu","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू से बचने के लिए इन बातों पर करें गौर, पिछले साल इस बीमारी से हो गई थी कई लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए इन बातों पर करें गौर, पिछले साल इस बीमारी से हो गई थी कई लोगों की मौत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 15 Sep 2018 09:01 AM IST
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यूपी में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आने से जहां एक की जान चली गई वहीं लखनऊ पीजीआई का एक कर्मचारी और उसके दो बच्चे पीड़ित हैं। ये तीन केस देख स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। पिछले वर्ष भी इसी मौसम में ये बीमारी फैली थी। 10 लोगों की अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी। फिर से ये रौद्र रूप न धारण करे, इसके लिए अब हमें भी सचेत हो जाना चाहिए। कुछ बातों को ध्यान में रखकर हम इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं। आइए जानें कि स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जाए-
swine flu
कैसे फैलता है?
एच1एन1 वायरस मौसमी फ्लू के सामान ही फैलता है। एक संक्रमित व्यक्ति की नाक और मुंह से जब वो बात करते हैं, खांसते या छींकते हैं तो लोग संक्रमित हो सकते हैं। पानी की छोटी-छोटी बूंदों के साथ आए संक्रमण के संपर्क में हाथ या त्वचा का हिस्सा आता है। इन संक्रमित हाथों से जब अपनी आंख और नाक छूते हैं तो शरीर के अंदर भी संक्रमण फैल जाता है।
एच1एन1 वायरस मौसमी फ्लू के सामान ही फैलता है। एक संक्रमित व्यक्ति की नाक और मुंह से जब वो बात करते हैं, खांसते या छींकते हैं तो लोग संक्रमित हो सकते हैं। पानी की छोटी-छोटी बूंदों के साथ आए संक्रमण के संपर्क में हाथ या त्वचा का हिस्सा आता है। इन संक्रमित हाथों से जब अपनी आंख और नाक छूते हैं तो शरीर के अंदर भी संक्रमण फैल जाता है।
swine flu
- फोटो : Amar Ujala
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
ठंड लगना, गला खराब होना, खांसी-जुकाम होना, मांसपेशियों में दर्द होना, बुखार आना, सिरदर्द बना रहना, कमजोरी लगना। इनमें से अगर कोई भी लक्षण ज्यादा दिन बना रहे तो जांच जरूर कराएं।
ठंड लगना, गला खराब होना, खांसी-जुकाम होना, मांसपेशियों में दर्द होना, बुखार आना, सिरदर्द बना रहना, कमजोरी लगना। इनमें से अगर कोई भी लक्षण ज्यादा दिन बना रहे तो जांच जरूर कराएं।
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swine flu
ये सावधानियां बरतें
- बार-बार साबुन और पानी से अपने हाथ धोयें
- जब खांसी या छींक आये, तो अपने मुंह और नाक को एक टिश्यू से ढंक लें
- इस्तेमाल किए टिश्यू का तुरंत और सावधानी के साथ निस्तारण करें। उन्हें एक बैग में डालकर फिर डस्टबिन में फेंकें
- कठोर सतहों जैसे दरवाजे के हैंडल को नियमित साफ रखें
- नाक और मुंह को हमेशा मॉस्क पहन कर ढंकना जरूरी होता है
- सुनिश्चित करें कि बच्चे इन सलाह का पालन करें
- इस बीमारी की चपेट में हैं या फिर आसपास के क्षेत्र में फैली हो तो सार्वजनिक स्थान पर कतई न जाएं।
- बार-बार साबुन और पानी से अपने हाथ धोयें
- जब खांसी या छींक आये, तो अपने मुंह और नाक को एक टिश्यू से ढंक लें
- इस्तेमाल किए टिश्यू का तुरंत और सावधानी के साथ निस्तारण करें। उन्हें एक बैग में डालकर फिर डस्टबिन में फेंकें
- कठोर सतहों जैसे दरवाजे के हैंडल को नियमित साफ रखें
- नाक और मुंह को हमेशा मॉस्क पहन कर ढंकना जरूरी होता है
- सुनिश्चित करें कि बच्चे इन सलाह का पालन करें
- इस बीमारी की चपेट में हैं या फिर आसपास के क्षेत्र में फैली हो तो सार्वजनिक स्थान पर कतई न जाएं।
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swine flu virous
2017 में 10 से अधिक मौत
पिछले साल भी इसी मौसम में स्वाइन फ्लू का वायरस राजधानी में फैला। अगस्त मध्य से लेकर सितंबर के पहले सप्ताह के बीच करीब 1500 मामले मरीजों में स्वाइन फ्लू संक्रमण के सामने आए। इसके चलते करीब 10 से अधिक मौतें रिपोर्ट की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव के चलते एच1एन1 वायरस के फैलने की आशंकाएं होती हैं।
पिछले साल भी इसी मौसम में स्वाइन फ्लू का वायरस राजधानी में फैला। अगस्त मध्य से लेकर सितंबर के पहले सप्ताह के बीच करीब 1500 मामले मरीजों में स्वाइन फ्लू संक्रमण के सामने आए। इसके चलते करीब 10 से अधिक मौतें रिपोर्ट की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव के चलते एच1एन1 वायरस के फैलने की आशंकाएं होती हैं।