पश्चिमी यूपी में बड़े गैंगवार की तैयारी चल रही थी। इसके लिए बिहार और पूर्वांचल के कुछ गिरोहों से असलहों की डिमांड की गई। बिहार के सीवान के नामी गिरोह से कार्बाइन का सौदा किया गया। जिसकी डिलीवरी बाराबंकी में हुई। जिसे हासिल कर 50 हजार का इनामी नरेश भाटी अपने सहयोगी कुलदीप जाट के साथ राजधानी के अस्थाई ठिकाने पर जा रहा था। इस दौरान बुधवार रात पारा में पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इसमें इनामी नरेश घायल हो गया। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। उनके पास से कार्बाइन सहित कई असलहे और कारतूस बरामद किए। मुठभेड़ में दो कांस्टेबल भी घायल हुए।
मुठभेड़ में धरे गए इनामी बदमाश के पास मिले खतरनाक हथियार, वेस्ट यूपी में थी 'कांड' की तैयारी
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एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक, नरेश भाटी का गिरोह पश्चिमी यूपी सहित दिल्ली और हरियाणा में दहशत फैला रहा था। हथियारों की जरूरत पड़ी तो पूर्वांचल व बिहार के माफिया गिरोहों से संपर्क साधा। इस बीच नरेश भाटी ने बांदा जेल में बंद कुख्यात अपराधी अनिल दुजाना की पेशी के दौरान हत्या की साजिश रची। पश्चिमी यूपी में अनिल दुजाना का गिरोह काफी मजबूत है। सीधे इस गिरोह से अदावत के लिए उसे असलहों व भारी मात्रा में कारतूसों की जरूरत थी। इसके लिए पूर्वांचल के एक गिरोह के जरिए बिहार के सीवान में संपर्क किया। सीवान से कार्बाइन और नाइन एमएम के पिस्तौल का सौदा तय हुआ। इसकी डिलीवरी बाराबंकी में होनी थी। कार्बाइन हासिल करने के लिए नरेश भाटी लखनऊ में एक सप्ताह से डेरा डाले हुए था।
मंगलवार को कार्बाइन की डिलीवरी बाराबंकी में होनी थी। इसकी सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाना शुरू किया। मंगलवार को कार्बाइन लेने के बाद पूरी रात व बुधवार का दिन बाराबंकी में बिताने के बाद नरेश रात को लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित अपने अस्थाई ठिकाने पर जा रहा था। इस दौरान नादरगंज पर वाहन चेकिंग कर रही सरोजनीनगर पुलिस ने जब रोका तो नरेश अपने साथी कुलदीप संग कृष्णानगर होते हुए पारा की तरफ भागने लगा। सूचना के बाद पारा पुलिस ने थाने के सामने घेराबंदी की तो वह हंसखेड़ा में एलडीए के निर्माणाधीन अपार्टमेंट की तरफ भागने लगा। जहां पुलिस से मुठभेड़ हो गई। डेढ़ दर्जन राउंड फायरिंग के बाद नरेश व कुलदीप पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
पूर्वांचल व पश्चिमी गैंगों में होता रहा है शूटरों का लेनदेन
पुलिस के मुताबिक, पूर्वांचल में पश्चिमी यूपी में कई माफिया गिरोह सक्रिय हैं। इन गिरोहों में अक्सर बड़ी वारदात के लिए शूटरों की जरूरत पड़ती है। पश्चिमी यूपी के माफिया पूर्वांचल के गिरोहों से संपर्क कर शूटर मंगाते हैं। जबकि यही काम पूर्वांचल के गिरोह भी करते थे। पहली बार पूर्वांचल के बाहुबली भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के लिए मुन्ना बजरंगी के जरिए मुजफ्फरनगर के जीवा को सुपारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, नरेश भाटी के गिरोह में दो दर्जन से अधिक शूटर हैं। ज्यादातर शूटर 25 से 40 साल के हैं। गिरोह के आधा दर्जन शूटरों को पुलिस ने छह महीने के अंदर जेल भेज दिया। इससे नरेश भाटी काफी कमजोर पड़ गया था। पुलिस के मुताबिक, नरेश एनसीआर के बिल्डरों से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलता था।
2013 में की पहली हत्या
पुलिस के मुताबिक, पहली बार नरेश भाटी ने दनकौर में 2013 में दिनदहाड़े टुंडे पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात के साथ ही नरेश के गैंग की दखल पश्चिमी यूपी से लेकर दिल्ली और हरियाणा तक हो गई। करीब सालभर बाद गौतमबुद्ध नगर के कासना में बालू ठेकेदार चांद मोहम्मद की हत्या कर खनन व बालू के कारोबार में भी दखल दी। पिछले साल नरेश भाटी के गिरोह ने नोएडा में ताबड़तोड़ जिम ट्रेनर साजन भाटी सहित दो की हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस का दबाव बना तो उसने पश्चिमी यूपी छोड़कर लखनऊ व पूर्वांचल के कुछ जिलों में अपना ठिकाना बना लिया था।