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Interview: पंकज त्रिपाठी बोले- अभिनेता न होता तो खेती कर रहा होता, आज जहां भी हूं... थियेटर की बदौलत हूं

Fri, 21 Mar 2025 03:18 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Fri, 21 Mar 2025 03:18 PM IST
सार

वेब सीरीज मिर्जापुर में कालीन भइया के किरदार ने उन्हें घर-घर पहुंचा दिया। न्यूटन फिल्म के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड पा चुके पंकज त्रिपाठी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं, थियेटर की बदौलत हूं। मेरे अभिनय को थियेटर ने ही निखारा। मैंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से स्नातक किया, जहां अभिनय की बारीकियां सीखने को मिलीं।

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Pankaj Tripathi said if he would not actor he would doing farming wherever he today it because of theatre
श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव में पहुंचे पंकज त्रिपाठी। - फोटो : अमर उजाला
हिंदी फिल्मों से लेकर वेब सीरीज तक में अपने अभिनय की खास शैली का लोहा मनवा चुके बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी बृहस्पतिवार को लखनऊ में थे। वह यहां श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव में शामिल होने आए थे।


इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में अमर उजाला से खास बातचीत में उनसे पूछा गया कि वे अभिनय के क्षेत्र में नहीं होते तो क्या करते? इस पर अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ उन्होंने कहा कि अगर मैं अभिनेता नहीं होता तो बिहार में गांव में खेती-किसानी कर रहा होता।
 
Pankaj Tripathi said if he would not actor he would doing farming wherever he today it because of theatre
श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव में पहुंचे पंकज त्रिपाठी को प्रशंसको ने घेर लिया। - फोटो : अमर उजाला

फिल्म इंडस्ट्री में शानदार अभिनय की छाप छोड़ी

वर्ष 2004 में रन और ओमकारा जैसी फिल्मों में छोटी सी भूमिकाओं से फिल्मी कॅरिअर की शुरुआत करने वाले पंकज त्रिपाठी को गैंग्स ऑफ वासेपुर से अलग पहचान मिली। इसके बाद तो यह सिलसिला चल पड़ा और फुकरे, मसान, निल बटे सन्नाटा, बरेली की बर्फी, न्यूटन, फुकरे रिटर्न्स, स्त्री, स्त्री-2, मैं अटल हूं जैसी फिल्मों में उन्होंने शानदार अभिनय की छाप छोड़ी।
Pankaj Tripathi said if he would not actor he would doing farming wherever he today it because of theatre
श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव में अभिनेता पंकज त्रिपाठी, राज्यपाल मनोज सिन्हा व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
आगामी फिल्मों पर पंकज ने बताया कि मेट्रो-2 उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से है। इसके अलावा ओटीटी पर ड्रामा सीरीज में क्रिमिनल जस्टिस-4 भी जल्द आएगी। गुलकंद की कहानियां भी आने वाली हैं। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लखनऊ बेहद खूबसूरत शहर है। यहां आकर हमेशा अच्छा लगता है। खासकर यहां का खाना और तहजीब बहुत पसंद है।

यह भी पढ़ेंः- Ayodhya: अयोध्या में बोले सीएम योगी, एक दशक पहले दुनिया में खुद को भारतीय कहने में संकोच करते थे लोग
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Pankaj Tripathi said if he would not actor he would doing farming wherever he today it because of theatre
श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव में पहुंचे पंकज त्रिपाठी को प्रशंसको ने घेर लिया। - फोटो : अमर उजाला

हर कलाकार को पढ़नी चाहिए राग दरबारी

49 वर्षीय पंकज त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1998 में पहली बार श्रीलाल शुक्ल की कालजयी रचना राग दरबारी पढ़ी थी। बोले- इसके बाद से यह पुस्तक मेरी पसंदीदा बन गई। रचना के इतने दशकों बाद भी राग दरबारी आज भी प्रासंगिक है। 
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श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव में पहुंचे पंकज त्रिपाठी को प्रशंसको ने घेर लिया। - फोटो : अमर उजाला
वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में भी हमारे आसपास इसके किरदार मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि राग दरबारी तो हर एक कलाकार को पढ़नी चाहिए। इस किताब में सामाजिक, राजनीतिक और अफसरशाही की संरचना को बेहद करीब से महसूस किया जा सकता है। मेरे हिसाब से सामाजिक व्यवस्था पर इससे बेहतर व्यंग्य रचना दूसरी नहीं हो सकती।

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