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Ayodhya Ram Mandir : 14 घंटे खुलेगा मंदिर, रोजाना डेढ़ लाख भक्त करेंगे दर्शन, ट्रस्ट ने जारी की नई तस्वीरें

Thu, 04 Jan 2024 10:06 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Thu, 04 Jan 2024 10:06 PM IST
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Ayodhya Ram Mandir : New pics of Ram temple of Ayodhya.
- फोटो : amar ujala

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए तैयारियां अंतिम दौर में है। इस बीच बृहस्पतिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निर्माणाधीन राम मंदिर की नई तस्वीरें जारी की हैं। ये तस्वीरें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य सिंहद्वार की हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, मंदिर का भूतल तैयार हो गया है। अयोध्या में बन रहा तीन मंजिला राम मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है। मुख्य गर्भगृह में श्रीराम लला की मूर्ति है और पहली मंजिल पर श्री राम दरबार होगा।





श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, राम मंदिर में 5 मंडप (हॉल) होंगे। इसमें नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना और कीर्तन मंडप होंगे। अयोध्या में बन रहा तीन मंजिला राम मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है। मुख्य गर्भगृह में श्रीराम लला की मूर्ति है और पहली मंजिल पर श्री राम दरबार होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, राम मंदिर में 5 मंडप (हॉल) होंगे। इसमें नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना और कीर्तन मंडप होंगे। देवी-देवताओं की मूर्तियां मंदिर के स्तंभों और दीवारों को सुशोभित करती हैं। 32 सीढ़ियां चढ़कर श्रद्धालु सिंहद्वार से एंट्री कर सकेंगे। मंदिर के चारों तरफ आयताकार परकोटा रहेगा। मंदिर में दिव्यांग और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं हैं। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर के पास एक ऐतिहासिक कुआं (सीता कूप) है, जो प्राचीन काल का है। इसके अलावा, 25,000 लोगों की क्षमता वाला एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) का निर्माण किया जा रहा है। यह तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सा सुविधाएं और लॉकर सुविधा प्रदान करेगा।

14 घंटे खुलेगा मंदिर, रोजाना डेढ़ लाख भक्त करेंगे दर्शन

Ayodhya Ram Mandir : New pics of Ram temple of Ayodhya.
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भव्य सिंहद्वार का एक दृश्य। - फोटो : amar ujala

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार सोशल मीडिया पर मंदिर निर्माण की विस्तृत जानकारी देश-दुनिया के भक्तों को दी है। मंदिर के स्वरूप से लेकर विशेषताओं से भक्तों को अवगत कराया गया है। उद्घाटन के बाद राममंदिर रोजाना 14 घंटे खुलेगा। डेढ़ लाख भक्त दर्शन कर पाएंगे। 32 सीढि़यां चढ़कर भक्तों को रामलला के दर्शन प्राप्त होंगे। इससे पहले मंदिर के प्रवेश द्वार पर कदम रखते ही भगवान गणपति व हनुमान दर्शन देंगे। मंदिर के सामने गरुड़ जी की मूर्ति लगाई जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि आठ दिशाएं, अष्ट भुजाएं और विष्णु के आठ स्वरूपों को ध्यान में रखकर गर्भगृह अष्टकोणीय बनाया गया है। नक्काशी भगवान के गुणों का ध्यान रखते हुए की गई है। गर्भगृह इस तरह बनाया गया है कि 25 फीट दूर से भक्त अपने आराध्य की छवि निहार सकेंगे। मंदिर में विष्णु के दशावतार, 64 योगिनी, 52 शक्तिपीठ और सूर्य के 12 स्वरूप की मूर्तियां भी उकेरी हैं। हर पिलर में 16-16 मूर्तियां उकेरी गई हैं। मंदिर में ऐसे कुल 250 पिलर हैं।

एक हजार साल तक अक्षुण्ण रहेगा राममंदिर

Ayodhya Ram Mandir : New pics of Ram temple of Ayodhya.
ट्रस्ट ने जारी की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

 

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राममंदिर की मजबूती की विशेषताएं बताई हैं। उनका कहना है कि मंदिर एक हजार साल तक अक्षुण्ण रहेगा। मंदिर के बेस की जमीन को अथाह मजबूती दी गई है। इसको आर्टिफिशियल रॉक नाम दिया गया है। मंदिर में 21 लाख क्यूबिक पत्थर लगाए जा रहे हैं। इसके निर्माण शिल्प में इसकी आयु का आकलन किया गया है। लोहा न के बराबर इस्तेमाल हुआ है। लोहा पड़ने से आयु 100 साल कम हो जाती। इसमें प्लेन कंक्रीट है। कंक्रीट पड़ने से इसकी आयु 150 साल से अधिक नहीं हो सकती। जमीन के ऊपर भी कंक्रीट नहीं है। जमीन के ऊपर यदि एक इंच भी कंक्रीट आ गई तो 150 साल के बाद वह कंक्रीट कमजोर हो जाएगी। जमीन के नीचे लोहे का तार भी नहीं है। नीचे थोड़ा बहुत कंक्रीट है भी तो रोलर कंपैक्टेड है। आर्टिफिशियल रॉक के अंदर सीमेंट भी नहीं है। पानी न के बराबर है। रोलर कॉम्पेक्शन डेंसिटी मेजरमेंट 98 प्रतिशत होने के बाद सेकंड लेयर और थर्ड लेयर है। इस प्रकार 14 मीटर इतनी गहराई तक एक रॉक डाली गई है। इस प्रकार जमीन को मजबूती दी गई है। वजह, जमीन में मिट्टी नहीं थी बालू थी। बालू में कोई नया बेस नहीं तैयार हो सकता था।

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22 जनवरी को ही सार्वजनिक होगी रामलला की अचल मूर्ति

Ayodhya Ram Mandir : New pics of Ram temple of Ayodhya.
ट्रस्ट ने जारी की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

रामलला की अचल मूर्ति का दर्शन भक्तों को 23 जनवरी से ही प्राप्त होगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साफ कहा है कि गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित होने वाली अचल मूर्ति 22 जनवरी को ही सार्वजनिक की जाएगी। जिस विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होनी है उसका चयन कर लिया गया है। नगर भ्रमण में रामलला की अचल मूर्ति का दर्शन भक्तों को होगा कि नहीं इस सवाल पर चंपत राय ने कहा कि जनता-जनार्दन को 23 जनवरी से रामलला के दर्शन प्राप्त होंगे। प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी अंतिम चरण में है। मंदिर के दरवाजाें पर सोने की परत चढ़ाने का काम पूरा हो चुका है। भगवान के कपड़े तैयार किए जा रहे हैं। रामजन्मभूमि परिसर के 70 एकड़ जमीन में 70 फीसदी भाग में हरियाली होगी। परिसर में पहले से 50 प्रकार के पेड़ पौधे हैं, जिन्हें सुरक्षित किया गया है। जीएमआर कंपनी देखभाल कर रही है, लैंड स्केपिंग भी किया जा रहा है। यहां अनेक प्रकार के पौधे लगेंगे।

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अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की विशेषताएं

Ayodhya Ram Mandir : New pics of Ram temple of Ayodhya.
ट्रस्ट ने जारी की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
- मंदिर परंपरागत नागर शैली में बनाया जा रहा है।
- मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट व ऊंचाई 161 फीट रहेगी।
- मंदिर तीन मंजिला रहेगा। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट रहेगी। मंदिर में कुल 392 खंभे व 44 द्वार होंगे।
- मुख्य गर्भगृह में प्रभु श्रीराम का बालरूप (श्रीरामलला सरकार का विग्रह) प्रथम तल पर श्रीराम दरबार होगा।
- मंददी में 5 मंडप नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप व कीर्तन मंडप होंगे
- खंभों व दीवारों में देवी देवता व देवांगनाओं की मूर्तियां उकेरी जा रही हैं।
- मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से, 32 सीढ़ियां चढ़कर सिंहद्वार से होगा।
- दिव्यांगजन एवं वृद्धों के लिए मंदिर में रैंप व लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी।
- मंदिर के चारों ओर आयताकार परकोटा रहेगा। कुल लंबाई 732 मीटर व चौड़ाई 14 फीट होगी।
- परकोटा के चारों कोनों पर सूर्यदेव, मां भगवती, गणपति व भगवान शिव को समर्पित चार मंदिरों का निर्माण होगा। उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा, व दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का मंदिर रहेगा।
-मंदिर के समीप पौराणिक काल का सीताकूप विद्यमान रहेगा।
- मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी व ऋषि पत्नी देवी अहिल्या का मंदिर होगा।
- दक्षिण पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीला पर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है, वहां जटायु प्रतिमा की स्थापना की गई है।
- मंदिर में लोहे का प्रयोग नहीं होगा। धरती के ऊपर बिलकुल भी कंक्रीट नहीं है।
- मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी रोलर कॉम्पेक्टेड कंक्रीट बिछाई गई है। इसे कृत्रिम चट्टान का रूप दिया गया है।
- मंदिर को धरती की नमी से बचाने के लिए 21 फीट ऊंची प्लिंथ ग्रेनाइट से बनाई गई है।
- मंदिर परिसर में स्वतंत्र रूप से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, अग्निशमन के लिए जल व्यवस्था व स्वतंत्र पॉवर स्टेशन का निर्माण किया गया है, ताकि बाहरी संसाधनों पर न्यूनतम निर्भरता रहे।
- 25 हजार क्षमता वाले एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र का निर्माण किया जा रहा है, जहां दर्शनार्थियों का सामान रखने के लिए लॉकर व चिकित्सा की सुविधा रहेगी।
- मंदिर परिसर में स्नानागार, शौचालय, वॉश बेसिन, ओपन टैप्स आदि की सुविधा भी रहेगी।
- मंदिर का निर्माण पूर्णतया भारतीय परम्परानुसार व स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है।


 
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