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मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मध्यस्थता से अयोध्या मामले का समाधान निकालने का किया स्वागत

Sat, 09 Mar 2019 12:06 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Sat, 09 Mar 2019 12:06 PM IST
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muslim religious teachers welcome solution of ayodhaya case through inter mediation
मौलाना सलमान नदवी साथ में श्री श्री रविशंकर - फोटो : ani
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी निगरानी में अयोध्या मामले का मध्यस्थता के जरिये हल निकालने की शुरुआत की है। सर्वोच्च न्यायालय की इस पहल का राजधानी के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने स्वागत किया है। साथ ही उम्मीद जताई है कि राजनीतिक हस्तक्षेप न होने की दशा में कोई न कोई हल निकल सकता है। वहीं, कई धर्मगुरुओं ने पहले ही कुछ लोगों की ओर से अयोध्या में मस्जिद न बनाने देने के बयान पर एतराज भी जताया है।


मस्जिद के लिए दूसरी जगह बड़ी जमीन लेकर समझौता संभव
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पूर्व सदस्य मौलाना सलमान हुसैनी नदवी ने कहा कि इस्लामी शरीयत मस्जिद शिफ्ट करने की इजाजत देती है। खलीफा हजरत उमर ने कूफा शहर में एक मस्जिद को शिफ्ट करके उसकी जगह खजूर का बाजार बनवाया था। अमन की खातिर मस्जिद के लिए दूसरी जगह बड़ी जमीन लेकर समझौता किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो सुप्रीम कोर्ट को गारंटी देनी होगी कि इसके बाद किसी भी मस्जिद, दरगाह, दर्सगाह को लेकर विवाद पैदा नहीं किया जाएगा।  

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बातचीत होना अच्छा

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मौलाना खालिद रशीद - फोटो : ANI
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता की पहल का स्वागत है। सबसे अच्छी बात है कि बातचीत सुप्रीम कोर्ट की निगरानी मे होगी। हिदायत दी गई है कि बातचीत को सार्वजनिक न किया जाए। इससे उम्मीद है कि बातचीत में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हो पाएगा। ऐसे में हल निकलने की उम्मीद जगी है।  

पर्सनल लॉ बोर्ड करेगा सहयोग

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जफरयाब जिलानी - फोटो : अमर उजाला
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी एडवोकेट ने बताया कि बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से उनकी निगरानी में बातचीत करने पर सहयोग देने पर हामी भरी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए पैनल बना दिया है तो बोर्ड अपने वादे के मुताबिक पूरा सहयोग करेगा। सभी मुस्लिम पक्ष भी सहयोग करने को तैयार हैं।
 
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बातचीत से हल निकालने में होंगे कामयाब

muslim religious teachers welcome solution of ayodhaya case through inter mediation
मौलाना सूफियान निजाम - फोटो : amar ujala
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के प्रवक्ता मौलाना सूफियान निजामी ने बताया कि उम्मीद जताते हैं कि सभी पक्षकार बैठकर बातचीत से हल निकालने में कामयाब होंगे। जो लोग इस पहल का विरोध कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जो हमेशा से मामले को तूल देकर हिंदू और मुसलमानों में तनाव बनाए रखना चाहते हैं।
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...तो नहीं रह जाएगा बातचीत का मतलब  

muslim religious teachers welcome solution of ayodhaya case through inter mediation
मौलाना सैफ अब्बास - फोटो : amar ujala
शिया मून कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने बताया कि कुछ लोग पहले से ही कह रहे हैं कि वहां मस्जिद नहीं बनने देंगे। जब बातचीत से पहले ही निर्णय सुनाया जाने लगेगा तो बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। बातचीत से राजनीतिक दखलअंदाजी को पूरी तरह दूर रखना होगा। मुस्लिम समुदाय को इग्नॉर कर कोई भी फैसला मान्य नहीं होगा। 
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