{"_id":"5d9708018ebc3e93d33e6f58","slug":"mother-became-emotional-seeing-the-tiffin-box-of-her-dead-child","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बेटे की मौत के बाद पहली बार देखा घटनास्थल, टिफिन में सूखे पराठे देख नम हो गईं मां की आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटे की मौत के बाद पहली बार देखा घटनास्थल, टिफिन में सूखे पराठे देख नम हो गईं मां की आंखें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 04 Oct 2019 04:50 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
पुलिस की पड़ताल के दौरान बेटे राहुल के टिफिन को निहारतीं अनन्मा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
‘...क्या यही है कांस्टेंशिया बिल्डिंग। यहीं गिरा था मेरा बेटा! ओहह... इतनी ऊंचाई से...’ यह कहते हुए राहुल की मां अनम्मा की आंखें डबडबा गईं तो पिता वी. श्रीधरन जैसे पत्थर के हो गए हों। दोनों के गले भरे हुए थे। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर काफी देर तक जड़वत खड़े रहे। लाडले की मौत के साढ़े चार साल बाद बृहस्पतिवार को पहली बार दोनों को स्कूल में प्रवेश मिला था। अभी तक उन्होंने देखा ही नहीं था कि बेटे ने कहां, कैसे और किस जगह पर गिरकर दम तोड़ा था।
2 of 5
पुलिस की पड़ताल के दौरान बेटे राहुल के टिफिन को निहारतीं अनन्मा
- फोटो : amar ujala
मालूम हो एसजीपीजीआई परिसर निवासी व वहां नेफ्रोलॉजी विभाग में टेक्निकल अफसर वी. श्रीधरन के बेटे राहुल की 10 अप्रैल 2015 की सुबह स्कूल के सौ फीट ऊंचे कांस्टेंशिया स्मारक के छज्जे से संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो गई थी। राहुल की मां अनम्मा ने गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ बेटे की हत्या का केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस पर पक्षपात व सतही विवेचना करने तथा कॉलेज प्रशासन को बचाने का आरोप लगाते हुए मृतक के भाई एस. रोहित ने विवेचना की निगरानी के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी अनम्मा के लिए तो एक-एक पल रुला देने वाला था। उन्हें 10 अप्रैल 2015 की वो सुबह बार-बार याद आ रही थी जब राहुल हंसता-मुस्कुराता स्कूल के लिए निकला था। वो स्कूल के सत्र का पहला दिन था इसलिए राहुल कुछ ज्यादा ही उत्साहित था।
3 of 5
बेटे राहुल के टिफिन को निहारतीं अनन्मा
- फोटो : amar ujala
उन्होंने बड़े प्यार से राहुल को टिफिन में पराठे और सब्जी बनाकर दिया। राहुल के बैग से जब टिफिन निकला तो वह भावुक हो गईं। टिफिन खोलकर देखा तो भीतर सूखे हुए पराठे रखे थे। अनम्मा की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
मां अनन्मा
- फोटो : amar ujala
राहुल के बैग में रखी होम्योपैथी दवा की प्लास्टिक की डिबिया देखकर उन्होंने उठा लीं। बोलीं, ‘मेरा मंगलसूत्र टूट गया था। उसके मोती राहुल ने संभाल कर रख लिए थे।’
विज्ञापन
5 of 5
मां अनन्मा
- फोटो : amar ujala
यह कहते हुए उन्होंने डिबिया खोलकर हथेली पर पलटी तो काले रंग के मोती बिखर गए। भर्राए गले से अनम्मा ने बताया कि, ‘राहुल को अपनों से जुड़ी हर चीज सहेजकर रखने का शौक था।’
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।