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ट्रकों में भूसे जैसे भरे चले आ रहे श्रमिक, भूख-प्यास से हो रहे बेहाल पर नहीं चेत रहे अधिकारी

Sun, 17 May 2020 06:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 17 May 2020 06:01 PM IST
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Migrant labourers are coming in trucks in huge numbers.
ट्रकों में भरकर आए मजदूर। - फोटो : amar ujala

औरैया में शनिवार सुबह सड़क हादसे में 24 श्रमिकों की मौत के बाद भी राजधानी के अफसरों की नींद नहीं टूट रही। कानपुर रोड, काकोरी स्थित एक्सप्रेस वे और सीतापुर रोड से हजारों श्रमिक ट्रकों-टैंकर और निजी वाहनों में भूसे की तरह भरकर राजधानी आ रहे हैं, लेकिन यहां इनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। पुलिसकर्मियों के सामने ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़  रही हैं, साथ ही श्रमिकों की जिंदगी भी दांव पर लगी है।

Migrant labourers are coming in trucks in huge numbers.
- फोटो : amar ujala

महाराष्ट्र से आने वाले श्रमिक कानपुर, आगरा एक्सप्रेस वे और सीतापुर रोड की तरफ से लगातार राजधानी पहुंच रहे हैं। इन्हें राजधानी के बॉर्डर पर ही रोककर बाहर ही बाहर गंतव्य स्थल भेजा जा रहा है। कुछ श्रमिक पैदल भी आ रहे हैं, जिन्हें पुलिस पारा स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय भेज रही है, जहां से उन्हें बसों के जरिए गृह जनपद तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

Migrant labourers are coming in trucks in huge numbers.
- फोटो : amar ujala

विडंबना यह है कि ट्रक-टैंकर, लोडर व अन्य वाहनों में श्रमिक जानवरों की तरह भरे जा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के दौर में 50 से 70 लोग भूसे की तरह भरे हुए हैं। श्रमिक भूख-प्यास से बेहाल हैं सो अलग। औरैया हादसे से भी राजधानी के पुलिस अधिकारियों ने सबक नहीं लिया और कानपुर रोड, एक्सप्रेस वे तथा सीतापुर रोड से वाहनों में भरकर आ रहे श्रमिकों को देखकर आंखें मूंद रखी हैं। पुलिस का यह रवैया श्रमिकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, फिर भी इसकी रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वाहनों में ठुंसे हुए श्रमिकों को देखकर भी पुलिस टोक नहीं रही। पुलिस सिर्फ मजदूरों को शहर के बाहर ही बाहर आगे रवाना कर रही है।

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Migrant labourers are coming in trucks in huge numbers.
- फोटो : amar ujala

शहर के भीतर भी हालात बुरे
लॉकडाउन में शहर के भीतरी इलाकों का हाल भी बुरा है। शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विवि में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं तो कमता बस अड्डे पर शनिवार को दिनभर भारी भीड़ जुटी रही। अयोध्या रोड पर कमता चौराहा के आसपास दिनभर वाहनों की रेलमपेल से जाम लगा रहा।

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Migrant labourers are coming in trucks in huge numbers.
- फोटो : amar ujala

पुराने लखनऊ के चौक व ठाकुरगंज इलाके में लोग पैदल, दोपहिया वाहन और निजी कारों से घूमते दिखे तो एसीपी दुर्गा प्रसाद तिवारी को सड़क पर उतरकर उन्हें समझाना पड़ा। कमता बस अड्डे पर भीड़ का हाल देखकर पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने निरीक्षण किया और सबको संयमित रहने के निर्देश दिए।

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