किस्मत कब चमक जाए कोई नहीं जानता। धनतेरस से एक दिन पहले रिक्शा चालक मनीराम के साथ जो हुआ था उसने सपने में भी नहीं सोचा था। पेटीएम के सीईओ विजय शेखर को बैठाकर वह सीएम आवास क्या ले गया उसका नसीब चमक गया।
सीएम ने उन्हें न सिर्फ 6 हजार रुपये की मदद की बल्कि उसे नया रिक्शा भी दिया। लोहिया आवास योजना के तहत घर दिलाने का भी वादा किया। मनीराम ने सोचा भी नहीं था कि उसकी जिंदगी में ऐसा भी दिन आएगा। मारे खुशी के वह पूरी रात सो न सका। शुक्रवार सुबह आठ बजे राजधानी से अपने परिवार को रिक्शे पर बैठाकर गांव के लिए रवाना हो गया। करीब 100 किमी रिक्शा चलाने के बाद शाम साढ़े पांच बजे वह अपने गांव पहुंचा तो धनतेरस के दिन ही दिवाली जैसी खुशियां छा गईं।
बृहस्पतिवार को राजधानी में कालिदास मार्ग पर वह अपने रिक्शे पर बैठकर बीड़ी पी रहा था। भीषण जाम में फंसे पे-टीएम के सीईओ विजय शेखर अपनी कार छोड़कर पैदल जा रहे थे। मनीराम को देखा तो उसके रिक्शे पर बैठ गए। मुख्यमंत्री आवास पर चलने को कहा।
विजय शेखर वहां पहुंचे तो सीएम उन्हें लेने के लिए घर से बाहर निकले और तभी मनीराम की उनसे मुलाकात हो गई। मनीराम को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। अखिलेश ने मनीराम से काफी देर तक बात की, उसके आर्थिक हालात की जानकारी ली और मदद की। सीएम ने मनीराम की पत्नी को समाजवादी पेंशन दिलाने का भरोसा दिलाया।
कभी नहीं भूल सकता यह दिन : मनीराम
तिलोई के भीखीपुर गांव के मनीराम ने कहा कि वह सीएम से मुलाकात का दिन पूरी जिंदगी नहीं भूलेगा। सीएम ने उसकी धनतेरस तो जगाई ही, दिवाली को खुशियों से भर दिया। गांव में मनीराम की पत्नी मायावती और 5 बच्चे हैं। झोपड़ी में रहते हैं। खेती के लिए एक बिस्वा जमीन भी नहीं है। मनीराम लखनऊ में काम करके किसी तरह परिवार का पेट भरता है।