फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'कैलेंडर गर्ल्स' नहीं लखनऊ आए इन 'कैलेंडर जी' से मिलिए

Sat, 29 Aug 2015 12:54 PM IST
Updated Sat, 29 Aug 2015 12:54 PM IST
विज्ञापन

'कैलेंडर गर्ल्स' नहीं लखनऊ आए इन 'कैलेंडर जी' से मिलिए

meet the film actor and director satish kaushik

मेरा नाम है कैलेंडर से मटकते हुए सतीश कौशिक हों या गोविंदा को बेवकूफ बनाकर उनका टिफिन खा जाने वाले कुंज बिहारी। ऐसे दर्जनों यादगार कैरेक्टर के जरिये फैन्स के चहेते बने अभिनेता सतीश कौशिक का मानना है कि लोग उन्हें उनके असली नाम से नहीं बल्कि कैरेक्टर के नाम से ज्यादा जानते हैं।

'कैलेंडर गर्ल्स' नहीं लखनऊ आए इन 'कैलेंडर जी' से मिलिए

meet the film actor and director satish kaushik

सतीश कहते हैं कि लोग उनको उसी नाम से पुकारते हैं, यही उनकी कामयाबी का सर्टिफिकेट है। अपने नए टीवी शो ‘सुमित संभाल लेगा’ के प्रमोशन के लिए शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे सतीश ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत की।

'कैलेंडर गर्ल्स' नहीं लखनऊ आए इन 'कैलेंडर जी' से मिलिए

meet the film actor and director satish kaushik

अपने आने वाले नए सीरियल में खुद के रोल के बारे में बताते हुए सतीश कहते हैं कि यह दिल्ली के कल्चर वाला एक रिटायर्ड बुड्ढा है, जो इतने उल्टे काम करता है जैसा कोई दूसरा नहीं कर सकता। इसे बेडरूम और किचन का कोई फर्क नहीं पता। क्रिकेट मैच भी देखता है तो टांगें पसार कर, मोहल्ले भर का पॉपकॉर्न साथ लेकर। हर काम करना चाहता है लेकिन मस्तमौला होकर।

विज्ञापन
विज्ञापन

'कैलेंडर गर्ल्स' नहीं लखनऊ आए इन 'कैलेंडर जी' से मिलिए

meet the film actor and director satish kaushik

खुद की अब तक की उपलब्धि पर सतीश कहते हैं कि भई कुछ नाम तो कमाया है। मुझसे मिलने वाला हर दूसरा आदमी मेरा नाम तक नहीं जानता। लोग कैलेंडर, कोई कुंज बिहारी, मुत्थुस्वामी, सेठजी.. नामों से ही मुझे पुकारते हैं। अक्सर लोग प्लेन में सफर करते समय या मॉल्स में मेरे पास आकर कहते हैं कैलेंडरजी एक सेल्फी लेनी है...। ये मेरे कैरेक्टर की मेहनत और फैन्स के प्यार का सर्टिफिकेट है।

विज्ञापन

'कैलेंडर गर्ल्स' नहीं लखनऊ आए इन 'कैलेंडर जी' से मिलिए

meet the film actor and director satish kaushik

लखनऊ से जुड़े अपने अनुभवों पर सतीश कहते हैं कि 1976 में रंजीत कपूर के लिए एक प्ले ‘बिच्छू’ में आया था। तब का लखनऊ एकदम से बदल चुका है। मेट्रो चलने वाली है, बड़े-बड़े हाईवे बन गए हैं, एयरपोर्ट का भी विदेशों सा लुक दिखता है। बहुत तेजी से बदल रहा है यह शहर। विकास की नई राहें खुली दिखती हैं इस शहर में।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed