यूपी चुनाव के ठीक पहले आरएसएस द्वारा केंद्र से आरक्षण खत्म करने की मांग करने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि देश में दलितों व पिछड़ों को संविधान के तहत मिलने वाली आरक्षण की सुविधा को खत्म करने की बात कहना निंदनीय है। बसपा ऐसी किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देगी।
दरअसल, आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य और सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) में शुक्रवार आरक्षण पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि अगर आरक्षण लंबे समय तक लागू रखा गया तो इससे अलगाववाद ही पैदा होगा, अब समय आ गया है कि सभी को बेहतर शिक्षा दी जाए और समान अधिकार की बाते हों। जिस पर मायावती ने प्रतिक्रिया दी।
ये बयान ऐसे समय में आया है जब यूपी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और भाजपा के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान माना जाता है, जिसमें उन्होंने आरक्षण की समीक्षा करने की बात कही थी। अब यूपी चुनाव के पहले आरएसएस प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के इस बयान से भाजपा विरोधियों को मौका मिल सकता है।