रणदीप और ऋचा ने खोले फिल्म 'मैं और चार्ल्स' के राज, तस्वीरें
सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज 1986 में तिहाड़ जेल से भागा। उससे जो भी जुड़ा उसकी जिंदगी बदल गई। फिर वह चाहे पुलिसवाला हो या फिर कोई अपराधी। हालांकि वह दोबारा पकड़ा गया, लेकिन इस बीच चार्ल्स से जुड़े किस्सों की फेहरिस्त लंबी हो गई। चार्ल्स से जुड़े अनगिनत किस्सों की दास्तां पहली बार बड़े पर्दे पर दिखेगी फिल्म ‘मैं और चार्ल्स’ में। उससे जुड़े लोगों के संस्मरणों का इस्तेमाल कर फिल्म लिखी गई।
रणदीप और ऋचा ने खोले फिल्म 'मैं और चार्ल्स' के राज, तस्वीरें
चार्ल्स ने फ्रांस से फिल्म के निर्माता को नोटिस भी भेजा, लेकिन पुलिस अफसर अमोद कांत से मामला जुड़ा होने के कारण मामला शांत हो गया। ऐसे ही खट्टे-मीठे और रोचक प्रसंगों की दास्तां लेकर फिल्म के प्रमोशन के लिए टीम बृहस्पतिवार को राजधान पहुंची। रणदीप हुड्डा, ऋचा चड्ढा, आदिल हुसैन, निर्देशक प्रवल रमन वेव सिनेमा के राहुल मित्रा के साथ लखनऊ में थे। पेश है नीरज ‘अम्बुज’ से बातचीत के अंश...।
रणदीप और ऋचा ने खोले फिल्म 'मैं और चार्ल्स' के राज, तस्वीरें
फ्रेंच एक्सेंट और चार्ल्स का गेटअप चैलेंज
‘दस साल का था, जब पहली बार सुना कि चार्ल्स जेल से भाग गया है। घरवालों ने कहा कि कोई भी अपने कमरे से नहीं निकलेगा...।’ अभिनेता रणदीप हुड्डा बताते हैं कि चार्ल्स शोभराज हमेशा से जिज्ञासा का विषय रहा है, इसलिए जब फिल्म में रोल ऑफर हुआ तो मैं तैयार हो गया। मैंने चार्ल्स की कॉपी नहीं की है, बल्कि उसकी स्प्रिट को किरदार में उतारने की कोशिश की है।काठमांडू जेल में शोभराज से मुलाकात हुई।
रणदीप और ऋचा ने खोले फिल्म 'मैं और चार्ल्स' के राज, तस्वीरें
शूटिंग के लिए फ्रेंच एक्सेंट सीखना और चार्ल्स का गेटअप लेना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। ‘मैं और चार्ल्स’ के बाद तीन फिल्में पाइपलाइन में हैं। ‘दो लफ्जों की कहानी’, जिसमें फाइटर का किरदार निभा रहा हूं। इसके बाद ‘ये लाल रंग’, जिसमें जाट और दिसंबर में रिलीज होने वाली सबरजीत सिंह की बायोपिक।
रणदीप और ऋचा ने खोले फिल्म 'मैं और चार्ल्स' के राज, तस्वीरें
थियेटर में पैसा होता तो फिल्में क्यों करता
‘इश्किया’, ‘लाइफ ऑफ पाई’, ‘इंग्लिश विंग्लिश’ और ‘जेड प्लस’ सरीखी फिल्मों में दमदार किरदार निभाने वाले अभिनेता आदिल हुसैन फिल्म में प्रमोद कांत का रोल निभा रहे हैं, जो पुलिसवाले हैं। आदिल ने बताया कि इस रोल को समझने के लिए चार्ल्स को पकड़ने वाले अमोद कांत के किस्से गौर से सुने। वह बोलते जाते थे और सुनता रहता।