एक बार फिर लखनऊ के लोगों ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मिसाल कायम की। बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे केजीएमयू से एयरपोर्ट तक ट्रैफिक थम गया।
केजीएमयू में ब्रेनडेड मरीज का लिवर दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल पहुंचना था। इसे लेकर अमौसी एयरपोर्ट के लिए निकली एंबुलेंस 100 मीटर की रफ्तार से दौड़ती चली गई। (ऑर्गन को एंबुलेंस में शिफ्ट करते कर्मचारी।)
लखनऊ के लोगों के सहयोग और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता के चलते केजीएमयू से एयपोर्ट तक का 28 किलोमीटर तक का सफर महज 22 मिनट 30 सेकंड में पूरा हो गया। आमतौर पर केजीएमयू से एयरपोर्ट तक जाने में एक से डेढ़ घंटा लगता है। हालांकि इस दौरान शहीद स्मारक रोड पर दो गाड़ियां ग्रीन कॉरिडोर में घुस आईं, जिन्हें ट्रैफिक व नागरिक पुलिस ने तत्काल किनारे कराया। (इस दौरान प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया।)
09 बार लगाने पड़े ब्रेक
ग्रीन कॉरिडोर के बावजूद एंबुलेंस चालक को 28 मिनट के इस सफर में नौ बार ब्रेक लगाने पड़े। एंबुलेंस चालक दीपक का कहना है कि डालीगंज पुल के आगे पहुंचते ही शहीद स्मारक के पास एक्सयूवी घुस आई। आगे बढ़ते ही एक सफारी बीच में आ गई। (ऑर्गन को एंबुलेंस में शिफ्ट करते हुए।)
वहीं, राजभवन के सामने बाइक सवार विपरीत दिशा से आ गया। दिलकुशा गार्डेन, रजमन बाजार, अर्जुनगंज, अहिमामऊ मोड़, शहीद पथ पर एक कट के पास व अमौसी मोड़ पर ब्रेक लगाना पड़ा।