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Building Collapse: बाहर निकल आए थे जसमीत... लैपटॉप लेने लौटे तभी जमींदोज हो गई इमारत; नवंबर में थी इनकी शादी
Mon, 09 Sep 2024 10:33 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 09 Sep 2024 10:33 AM IST
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Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
यूपी की राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार शाम एक तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। मलबे में दबने से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 घायल हैं। कई लोगों के दबे होने की आशंका है। ट्रांसपोर्टनगर में जिस बिल्डिंग के ढहने से लोगों की जान गई है, उसके निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई थी। इसलिए वह बहुत कम समय में जर्जर हो गई। ढहने का यही मुख्य कारण है। कमाई के फेर में अनदेखी की गई। ये दावे पुलिस की ओर से दर्ज कराए गए एफआईआर में किए गए हैं। जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवार में कोहराम मचा है।
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Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में दवा कारोबारी की मौत भी हुई है। बताया जा रहा है कि इमारत गिरने से पहले दवा कारोबारी जसमीत बिल्डिंग से बाहर आ गए थे। वह कहीं जाने वाले थे, लेकिन तभी उनको याद आया कि वह लैपटॉप भूल गए हैं। वह वापस बिल्डिंग के भीतर पहुंचे तभी वह जमींदोज हो गई और जसमीत की जान चली गई। हादसे ने उनके परिजनों को स्तब्ध कर दिया है।
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
कुछ वक्त पहले साथ बैठे थे, फिर आई मौत की खबर
जसमीत के भाई डॉ. सनमीत रोते बिलखते बोले कि शनिवार दोपहर मैं और भाई दोनों एक साथ बैठे थे। थोड़ी देर बाद वह गोदाम पर चले गए थे। कुछ देर बाद भाई की मौत की खबर आई। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। अब एफआईआर हो या कुछ भी किया जाए, उससे क्या फर्क पड़ता है, मेरा भाई तो चला गया। जसमीत के परिवार में पत्नी, दो बच्चे और पिता गुरमीत साहनी हैं।
जसमीत के भाई डॉ. सनमीत रोते बिलखते बोले कि शनिवार दोपहर मैं और भाई दोनों एक साथ बैठे थे। थोड़ी देर बाद वह गोदाम पर चले गए थे। कुछ देर बाद भाई की मौत की खबर आई। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। अब एफआईआर हो या कुछ भी किया जाए, उससे क्या फर्क पड़ता है, मेरा भाई तो चला गया। जसमीत के परिवार में पत्नी, दो बच्चे और पिता गुरमीत साहनी हैं।
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Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
पिछले महीने पहले हुई थी सगाई, नवंबर में थी शादी
हादसे में जान गंवाने वाले नटखेड़ा आलमबाग निवासी 28 वर्षीय अरुण सोनकर की पिछले महीने ही सगाई हुई थी। नवंबर में शादी थी, जिसकी तैयारियां चल रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया। खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। अरुण सोनकर दवा कारोबारी जसमीत की कंपनी में बिलिंग का काम करते थे। उनकी मौत से भाई ऋषभ, मां रेनू और पिता संजय सदमे में हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले नटखेड़ा आलमबाग निवासी 28 वर्षीय अरुण सोनकर की पिछले महीने ही सगाई हुई थी। नवंबर में शादी थी, जिसकी तैयारियां चल रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया। खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। अरुण सोनकर दवा कारोबारी जसमीत की कंपनी में बिलिंग का काम करते थे। उनकी मौत से भाई ऋषभ, मां रेनू और पिता संजय सदमे में हैं।
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Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
अपनों की मौत ने दिया जिंदगी भर का गम
जुनाबगंज निवासी धीरज गुप्ता की भी हादसे में जान गई। वह कंपनी में चालक के तौर पर काम करते थे। परिवार में पिता महादेव, पत्नी कविता, दो बच्चे नव्या व अर्नब और भाई गौरव हैं। वहीं, राकेश कुमार कंपनी में सुपरवाइजर थे। परिवार में पत्नी सुमन और बेटा नितिन है। बेटी नम्रमा की शादी हो चुकी है। इसके अलावा हादसे में रजनीखंड निवासी पंकज तिवारी की भी मौत हुई। वह डाला चालक थे। परिवार में मां पुत्तन तिवारी, दो बच्चे व तीन भाई हैं। पिता का निधन हो चुका है। इन सभी के अपनों को हादसे ने जिंदगी भर का गम दे दिया।
जुनाबगंज निवासी धीरज गुप्ता की भी हादसे में जान गई। वह कंपनी में चालक के तौर पर काम करते थे। परिवार में पिता महादेव, पत्नी कविता, दो बच्चे नव्या व अर्नब और भाई गौरव हैं। वहीं, राकेश कुमार कंपनी में सुपरवाइजर थे। परिवार में पत्नी सुमन और बेटा नितिन है। बेटी नम्रमा की शादी हो चुकी है। इसके अलावा हादसे में रजनीखंड निवासी पंकज तिवारी की भी मौत हुई। वह डाला चालक थे। परिवार में मां पुत्तन तिवारी, दो बच्चे व तीन भाई हैं। पिता का निधन हो चुका है। इन सभी के अपनों को हादसे ने जिंदगी भर का गम दे दिया।