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आखिरकार ढहा दिया गया यूपी के मंत्री का अवैध निर्माण

Tue, 13 Dec 2016 04:38 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 13 Dec 2016 04:38 PM IST
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lda demolishes illegal construction of minister  sharda pratap shukla

हाईकोर्ट की सख्ती के चलते उच्च शिक्षा राज्यमंत्री शारदाप्रताप शुक्ला के राजधानी के किला मोहम्मदी इलाके में स्थित दस करोड़ रुपये की एलडीए की जमीन पर किए अवैध कब्जे पर आखिर बुलडोजर चल ही गया। एलडीए के जो अफसर इस अवैध निर्माण को अब तक बचा रहे थे, उन्होंने ही सोमवार को टीम के साथ मौके पर बुलडोजर भेजा। टीम ने बुलडोजर राज्यमंत्री शुक्ला के नजदीकियों को सौंप दिया। फिर उन्होंने खुद बुलडोजर से अतिक्रमण जमींदोज करा दिया। हालांकि निर्माण आधा ही तोड़ा गया है। मंत्री-समर्थकों का दावा है कि जो अवैध था, वह हटा लिया, बाकी वैध है। वहीं, एलडीए का कहना है कि मंगलवार को मौके पर नापजोख किया जाएगा।

lda demolishes illegal construction of minister  sharda pratap shukla

हाइकोर्ट से डंडे से बचने के लिए एलडीए ने अतिक्रमण हटाने की तारीख मंगलवार तय की थी, लेकिन मंत्री को फजीहत से बचाने के लिए अफसर अचानक एक दिन पहले ही सोमवार को बुलडोजर लेकर पहुंच गए। इससे पहले, अफसरों और मंत्री में सहमति बन गई थी। लिहाजा, मंत्री शुक्ला ने सेामवार को सात दुकानें औैर दर्जन भर आरसीसी के पिलर तुड़वा दिए। यह कब्जा ढहाने के बाद भी मौके पर नौ दुकानें, बाउंड्रीवाल, दफ्तर, मंदिर और दो कमरे मौजूद हैं।

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सपा की सियासत... मंत्री इसलिए हुए मजबूर
दरअसल राज्यमंत्री शारदा प्रताप को सपा की सियासत में मुख्यमंत्री के खेमे का नहीं माना जाता। राजधानी में ही प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल समर्थक विधायक रामपाल यादव के अवैध कॉम्प्लेक्स को जमींदोज होते हुए सबने देखा है। तब भी सवाल उठा था कि शुक्ला के अवैध निर्माण को क्यों बख्शा जा रहा है? जब हाइकोर्ट ने सख्ती की तो अफसरों के साथ राज्यमंत्री शुक्ला भी घबरा गए। नगरीय विकास विभाग भी सीएम के पास ही है। ऐसे में बेहतर था कि बीच का रास्ता निकाला जाए। एलडीए के उपाध्यक्ष ने इसमें शुक्ला की मदद कर दी और दोनों कोर्ट व सीएम के डंडे से बच गए।
 

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किला मोहम्मदी इलाके में स्थित 10 करोड़ की एलडीए की जमीन पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला का अवैध निर्माण ढहाने से पहले ही एलडीए अफसरों व मंत्री में सहमति बन गई थी। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सोमवार को एलडीए की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और उसे मंत्री के नजदीकियों को सौंपकर खुद किनारे खड़ी हो गई। मंत्री के नजदीकियों ने ही अवैध निर्माण ढहाया। पूरा मामला कानपुर रोड नगर प्रसार योजना-3 के तहत किला मोहम्मदी के खसरा संख्या 250 व 251 की करीब एक बीघा सरकारी जमीन का है। एलडीए ने 1984 में इसका अधिग्रहण कर लिया और कब्जा भी 1987 में ले लिया। इसी जमीन पर करीब दो दशक से शुक्ला का कब्जा है। करीब तीन साल पहले यह मामला तब उठा, जब शुक्ला ने पहले से बनी 16 दुकानों के बाद और दुकानें बनवाने के लिए निर्माण शुरू करा दिया। इसे लेकर हंगामा हुआ, तो खुलासा हुआ कि जमीन तो एलडीए की है।

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शारदा प्रताप - फोटो : amar ujala

हाईकोर्ट ने फरवरी में दिया था आदेश
हाईकोर्ट ने इसी साल फरवरी में एक जनहित याचिका पर मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला का नाजायज निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था। लेकिन, सत्तारूढ़ दल का नेता होने के नाते एलडीए अफसर अपनी ही जमीन पर अवैध कब्जे को बचाते रहे। खुद शुक्ला का भी दावा था कि जमीन पर उनका मालिकाना हक है। कोर्ट में वे इसे साबित नहीं कर पाए तो सियासी रसूख का इस्तेमाल किया। कोर्ट की सख्ती बढ़ी और एलडीए अफसरों पर भी शिकंजा कसने लगा, तो कोर्ट की अगली तारीख से पहले ही फाइलों में कब्जा तोड़ने की तारीख 13 दिसंबर मुकर्रर कर दी। अफसरों ने मंत्री को अपनी मजबूरी भी बता दी।

याचिका करने वाला भी सपा कार्यकर्ता
मंत्री शुक्ला के अवैध कब्जे को लेकर क्षेत्र के जिस शख्स बृजभान सिंह यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी, असल में वह भी सपा कार्यकर्ता है।

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