फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

27 साल से जबड़े में फंसी गोली के साथ घूम रहा है ये शख्स, जानें कहानी

Sun, 02 Oct 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sun, 02 Oct 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
 kokrajhar resident amar dutta carries terrorist bullet in his jaw
अमर कुमार दत्ता - फोटो : amar ujala
27 साल पहले बोडो आतंकवादियों की हिंसा के बाद भड़के दंगों में जबड़ों में गोली खाने वाले और पिता समेत परिजनों को गंवाने वाले असम कोकराझार के अमर कुमार दत्ता। 27 साल से जबड़े में फंसी गोली आज भी लिए घूम रहे हैं। इनके जबड़े में आज भी वो गोली फंसी है। जान‌िए इनकी कहानी...
 kokrajhar resident amar dutta carries terrorist bullet in his jaw
सद्भावना यात्रा - फोटो : amar ujala
दंगों में खुद मरते-मरते बचे, परिजनों को खोया, शिक्षा भी नहीं हो सकी, अभी तक शादी भी नहीं की है। लेकिन दंगों मे मरने वाली मानवता को जिंदा रखने की अपील करने 3500 किमी. की जंबो यात्रा पर निकले हैं। अकेले 41 वर्षीय अमर ही नहीं उनके साथ युवाओं की ऐसी टीम भी मोहब्बत का पैगाम लेकर कोकराझार से कश्मीर तक शांति सद्भाव यात्रा पर निकली है ताकि देश अब कश्मीर सा न बनने पाए या कोकराझार का दंश न झेले। 
 kokrajhar resident amar dutta carries terrorist bullet in his jaw
अमर कुमार दत्ता - फोटो : amar ujala
गोली अब तक क्यों नहीं निकाली या इससे कोई दिक्कत नहीं होती तो इस पर उन्होंने जवाब दिया, जब गोली लगी उस वक्त परिवार को खो दिया था, माली हालत भी ठीक नहीं थी।  मैंने लोकल स्तर पर डॉक्टरों से इलाज करवा लिया पर गोली नहीं निकल पाई। आगे चलकर इससे कोई दिक्कत नहीं हुई तो निकलवाने की कोशिश नहीं की। छूने पर ये आज भी महसूस होती है। साथ ही मुझे ये अपने मिशन की याद दिलाती रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
 kokrajhar resident amar dutta carries terrorist bullet in his jaw
सद्भावना यात्रा - फोटो : amar ujala
बृहस्पतिवार लखनऊ से गुजरते समय युवा यात्रियों ने इमामबाड़े की भी सैर की। शाम को गांधी भवन में सर्व सेवा संघ की ओर से हुए सम्मेलन में शिरकत की और लोगों को अमनचैन का संदेश दिया। बोडो ट्राइब, मुस्लिम, राजबांसी, बंगाली और असमिया लोगों समेत 13 लोगों की साइकिल यात्रा की अगुवाई कर रहे संघ के मंत्री चंदन पाल ने बताया कि कश्मीर स्वर्ग है तो कोकराझार भी पूरब का स्वर्ग है। कुदरती खुबसूरती में हिंसा ने दखल दशकों पहले दिया। 
विज्ञापन
 kokrajhar resident amar dutta carries terrorist bullet in his jaw
सद्भावना यात्रा - फोटो : amar ujala
आलम ये है कि पिछले चार सालों में कोकराझार, चिरांग, बक्सा समेत कई इलाकों में हिंसा ने लोगों को झकझोरा है। लोग शांति अमन सद्भाव का संदेश दे रहे हैं, लेकिन युवाओं ने इसे पूरे देश भर में फैलाने का निर्णय लिया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed