घर की बगिया में सामान्य से दिखने वाले पेड़-पौधे, जिन्हें हम घासफूस समझ कर अक्सर अनदेखा कर देते हैं, दरअसल वह हमारे लिए अमृत के सामान हैं। कई जटिल बीमारियों का इलाज इनके उपयोग से किया जा सकता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आयुर्वेद विभाग के डॉ. एसके पांडेय बता रहे हैं कुछ ऐसे पौधों के खास फायदे, जो अक्सर हमारी बगिया में यूं ही उग आते हैं।
2 of 5
कालमेघ
- फोटो : अमर उजाला
कालमेघ : अपने आप खेतों में उगता है। किसान इसका उपयोग जानते नहीं और निकालकर फेंक देते हैं। जबकि यह डायबिटीज व क्रॉनिक लिवर डिजीज में बहुत काम आता है।
3 of 5
भृंगराज
- फोटो : अमर उजाला
भृंगराज : लिवर में काम करता है। बालों के लिए इससे अच्छी दवा कोई नहीं है। नए बालों को उगाने में मदद करता है और बालों को टूटने व कमजोर होने से बचाता है। त्वचा पर इससे चमक आती है। त्वचा संबंधी रोगों में यह बेहद उपयोगी है। बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है।
4 of 5
पुनर्नवा
- फोटो : अमर उजाला
पुनर्नवा : इस हर्ब का नाम ही इसका महत्व बताता है। किडनी के रोगों की यह बेजोड़ दवा है। पथरी को निकालने में मददगार है। यकृत, जिगर, लिवर के सभी रोगों में असर कारक है। एनीमिया में भी ये असरकारी है। अपने आप ही उग आता है। इसकी जड़ को दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
कचनार : यह बेहद खूबसूरत पौधा है, जिसे घरों के बगीचों में लगा होता है। इसकी पत्तियों का आकार थायरॉइड से बहुत मिलता है। यह थायरॉइड की समस्या में बहुत उपयोगी है। थॉयराइड के लिए बनाई जाने वाली लगभग हर दवा में यह पाया जाता है। इसकी पत्ती व छाल बहुत उपयोगी है, जिनका चूर्ण या काढ़ा प्रयोग किया जाता है। विभिन्न प्रकार के ट्यूमर्स में भी इसकी छाल और पत्तियों का चूर्ण लाभदायक होता है। बच्चेदानी में सूजन, शरीर में होने वाली किसी भी तरीके की गांठ को गलाने में काम आता है।