सहजन की सब्जी तो आपने सुनी होगी, खाई भी होगी। दक्षिण भारत में इसका ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसको अंग्रेेजी में मोरिंगा या ड्रमस्टिक ट्री कहते हैं। इसके पेड़ को न तो ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है न ही ज्यादा पानी की।
इसका फल प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। जोड़ों के दर्द में बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है।
3 of 5
डॉ एस पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ. एसके पांडेय के मुताबिक, सहजन की पत्तियों में प्रोटीन, विटामिन बी6, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं। इनमें कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में होता है। इसमें एंटी आक्सीडेंट, बायोएक्टिव प्लांट कंपाउंड होते हैं। इसमें पाया जाने वाले तत्व आंखों, त्वचा व रोग प्रतिरोधक तंत्र के लिए विशेष फायदेमंद होता है।
4 of 5
मोरिंगा की चाय
- फोटो : अमर उजाला
बहुत कम लोग ही जानते हैं कि सहजन की पत्तियों से बनी चाय बहुत फायदेमंद होती है। आयुर्वेद में तो इसके पेड़ को औषधीय माना गया है। अब इसकी पत्तियों से बनी चाय को वजन कम करने में उपयोगी माना गया है।
5 of 5
मोरिंगा की पत्तियां
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे बनाएं सहजन की चाय
सहजन की ताजी पत्तियों को सुखा लीजिए, फिर इन सूखी पत्तियों को ग्राइंडर में पीस लीजिए। चाय का पाउडर तैयार हो गया। एक चम्मच पाउडर को पानी में उबालिए और पी लीजिए। इसे रोज भी पिया जा सकता है या फिर एक दिन छोड़कर।