सहाबा का परचम उठाये चला चल। कदम आगे-आगे बढ़ाये चला चल। तसनीम फारूकी के इस तराना-ए-परचम पढ़े जाने के साथ ही जुलूस-ए-मदहे सहाबा गुरुवार को अमीनाबाद झंडेवाला पार्क से रवायती अंदाज में अकीदत व एहतेरात के साथ निकला।
अकीदत व एहतेराम से निकला जुलूस-ए-मदहे सहाबा, तस्वीरें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 24 Dec 2015 07:10 PM IST
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अकीदत व एहतेराम से निकला जुलूस-ए-मदहे सहाबा, तस्वीरें
अकीदत व एहतेराम से निकला जुलूस-ए-मदहे सहाबा, तस्वीरें
अकीदत व एहतेराम से निकला जुलूस-ए-मदहे सहाबा, तस्वीरें
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