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‘अवैध कारोबार’ का अड्डा बनती जा रहीं ये रेलवे कॉलोनियां, यूं हो रहा इस्तेमाल, ...पर प्रशासन मौन

Wed, 04 Dec 2019 03:25 PM IST
ishwar ashish नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ
नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 04 Dec 2019 03:25 PM IST
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Illegal business are being run in railway colonies of lucknow
रेलवे कॉलोनियों में चल रही बैंड बाजे व जिम की दुकानें - फोटो : अमर उजाला
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की रेलवे कॉलोनियों में खुलेआम अवैध कारोबार चल रहे हैं। अवैध रूप से लोगों को किराए पर मकान दिए जा रहे हैं, जहां ब्यूटी पार्लर, बैंड-बाजा-बारात, टेंट, जिम वगैरह चलाए जा रहे हैं। पर, रेलवे प्रशासन है कि मौन साधे हुए है।
Illegal business are being run in railway colonies of lucknow
चल रहा मौरंग बालू का कारोबार - फोटो : अमर उजाला
केस 1: चल रहा मौरंग-बालू का कारोबार
उत्तर रेलवे की बरहा कॉलोनी की स्थिति बदहाल है। यहां मौरंग व बालू का कारोबार चलता है। पूरे इलाके में कई जगह मौरंग, बालू व गिट्टी के चट्टे देखने को मिल जाएंगे।

 
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चल रहे जिम - फोटो : अमर उजाला

केस 2: भरा पड़ा बारात का सामान, चल रहे जिम
आलमबाग थाने के पास उत्तर रेलवे की एलडी कॉलोनी है। कॉलोनी की हालत बदतर है। सड़कें चलने लायक नहीं हैं। पर, मिलीभगत कर यहां पर जिमवालों को जगह दी गई है। बैंड बाजे-बारात की दुकानें चल रही हैं। वह भी ऐसे लोगों की जो कॉलोनी से बाहर रहते हैं।

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ब्यूटी पार्लर - फोटो : अमर उजाला
केस 3: ब्यूटी पार्लर व टेंट की दुकानें
मुनव्वर बाग रेलवे कॉलोनी में भी रेलकर्मी अपने बिजनेस चला रहे हैं। यहां ब्यूटी पार्लर चल रहे हैं। टेंट का बिजनेस चलता है, जिसका सामान कॉलोनी में खाली पड़ी जगहों पर भी पड़ा हुआ दिख जाएगा।

 
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टेंट का सामान - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, लखनऊ मंडल उत्तर रेलवे का प्रमुख मंडल है, जहां करीब 25 हजार रेलकर्मी कार्यरत हैं। इन रेलकर्मियों केलिए लखनऊ में तीस से अधिक कॉलोनियां हैं। पर, इन कॉलोनियों के बेजा इस्तेमाल से रेलवे को प्रतिमाह लाखों रुपये का चूना लग रहा है और अधिकारी चुपचाप बैठे हुए हैं। इन रेलवे कॉलोनियों में एक ओर जहां खाली पड़े आवासों को पूर्व रेलकर्मी किराए पर उठा रहे हैं तो दूसरी तरफ कारोबारियों को भी किराए पर आवास दिए जा रहे हैं।
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