काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआईएससीई) का रिजल्ट सोमवार को आ गया। 12वीं में एक बार फिर लखनऊ की बेटियों ने बाजी मारी है। राधिका चंद्रा और समन वहीद ने जहां देश भर में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, मानसी, संजीवनी और निधि ने देशभर में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल कर शहर का मान बढ़ाया है। इसके अलावा साक्षी प्रद्युम्न ने भी देशभर में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल कर सफलता का परचम लहराया है।
CISCE Result 2018: लखनऊ की बेटियां देश भर में अव्वल, जानें- क्या हैं इनके अरमान
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राधिका चंद्रा -99.50 फीसदी
मम्मी-पापा की तरह बनूंगी डॉक्टर
10वीं में मेरा तीसरा स्थान था, लेकिन मैंने तय किया था कि मुझे हल हाल में टॉप करना है और मैंने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। मैं भी मम्मी-पापा की तरह डॉक्टर बनना चाहती हूं। यह ऐसा पेशा है, जिससे मैं लोगों का दुख दूर सकती हूं।
टिप्स : पढ़ाई के साथ मुझे डांसिंग और म्युजिक पसंद है। जूनियर्स को मैं ध्यान से पढ़ाई करने की सलाह देती हूं, लेकिन बाकी चीजें छोड़ने की भी जरूरत नहीं है।
ऑल इंडिया रैंक : संयुक्त रूप से पहला स्थान
स्कूल- सीएमएस, महानगर
पिता- डॉ. अखिलेश चंद्रा
मां- डॉ. शालिनी चंद्रा
लक्ष्य- डॉक्टर बनना
समन वहीद -99.5 फीसदी
आईएएस बन सुधारूंगी महिलाओं की हालत
मैं सिविल सेवा शामिल होकर महिलाओं और लड़कियों की हालत सुधारना चाहती हूं। उनकी हालत बहुत बुरी है। सुधार के लिए बड़े बदलाव की जरूरत है। खाली समय में समन गाने सुनना पसंद करती हूं।
टिप्स : हमने क्या कितना पढ़ा यह जरूरी नहीं है, जरूरी है कि मन लगाकर पढ़ाई की जाए। सफलता के लिए सोशल नेटवर्किंग से दूरी जरूरी है। इसमें समय की बर्बादी होती है।
ऑल इंडिया रैंक : संयुक्त रूप से पहला स्थान
स्कूल : सीएमएस
पिता वहीउद्दीन - सिविल इंजीनियर
मां साबिया खातून -गृहिणी
लक्ष्य : प्रशासनिक सेवा
संजीवनी हजरा-99.25 फीसदी
एक लक्ष्य पा लिया अब आगे भी तय करूंगी
12वीं में मैंने मैथ्स और बायो दोनों लिया था। मेरे लिए डॉक्टर और इंजीनियर दोनों का रास्ता खुला हुआ है। अभी मैंने तय नहीं किया है कि किस फील्ड में आगे जाना है। फिलहाल लक्ष्य 12वीं में अच्छे नंबर लाना था। इसके लिए कड़ी मेहनत की है। अब आगे लिए लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।
टिप्स : संजीवनी हजरा का मानना है कि एक समय में एक ही लक्ष्य निर्धारित करें। महीने के बजाय दिन और सप्ताह के लिए लक्ष्य निर्धारित करें। छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करके बड़ी मंजिल हासिल हो सकती है।
ऑल इंडिया रैंक : संयुक्त रूप से दूसरा स्थान
स्कूल- सीएमएस
माता- सुमोना हजरा- शिक्षक
पिता- सौम्ये हजरा-प्रोफेसर, पीजीआई
लक्ष्य- अभी तय नहीं
फिजा खान-99.25
सिविल सेवा जॉइन करूंगी
मैं सिविल सेवा में जाना चाहती हूं। इसके लिए पहले मनोविज्ञान से ऑनर्स की पढ़ाई पूरी करूंगी। मानविकी में मेरी रुचि थी लिहाजा इसी वर्ग से मैं 99.25 फीसदी नंबर ले आई। मुझे कभी नहीं लगा कि टॉपर बनने के लिए साइंस और मैथ्स की पढ़ाई जरूरी है। मैं प्रतिदिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई करती थी। परीक्षा के समय तो पूरी रात-रात पढ़ाई की।
टिप्स : सिर्फ परीक्षा के वक्त ही पढ़ाई न करें। पूरा साल पढ़ाई करके ही सफलता हासिल की जा सकती है।
ऑल इंडिया रैंक - संयुक्त रूप से दूसरा स्थान
स्कूल- सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल
माता- निखत खान-बिजनेसमैन
पिता- नईम खान-बिजनेसमैन
लक्ष्य- सिविल