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कुंभ मेले में खूब बिक रहे आदर्श जेल के कैदियों के बनाए उत्पाद, उम्र कैदी का हुनर दिखा रहा रंग
Fri, 01 Feb 2019 03:35 PM IST
ishwar ashish
अनुराग सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
अनुराग सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 01 Feb 2019 03:35 PM IST
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कुंभ मेले में लगे जेल विभाग के स्टॉल पर आदर्श जेल के उत्पाद
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ स्थित आदर्श जेल में कैदियों के बनाए उत्पादों ने प्रयागराज कुंभ मेला में धूम मचा रखी है। मांग पूरी करने के लिए कैदी देर रात तक काम कर रहे हैं। इससे उन्हें पारिश्रमिक भी अधिक मिल सकेगा। जेल प्रशासन ने भी उत्पाद तैयार करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कपड़ा, सरसों सहित अन्य वस्तुएं स्टोर में रखवा दी हैं।
आदर्श जेल के उत्पाद
- फोटो : amar ujala
उद्योग प्रभारी डिप्टी जेलर अंजुली वर्मा ने बताया कि प्रयागराज कुंभ में पहली बार आदर्श जेल का स्टॉल लगाया गया है। इसमें कैदियों के बनाए गए कपड़े के 8 प्रकार के फैंसी बैग, लेडीज पर्स, तपस ब्रांड सरसों का तेल, दरी, लिफाफे, सदरी, पैंट-शर्ट सहित दो दर्जन से अधिक उत्पाद उपलब्ध हैं।
कैदियों द्वारा बनाए गए बैग
- फोटो : amar ujala
जेल अधीक्षक आरएन पांडेय के मुताबिक मेला में 200 बैग की बिक्री का टार्गेट था, लेकिन इतने बैग एक हफ्ते में ही बिक गए। अब तक 700 से अधिक बैग बेचे जा चुके हैं। इसके अलावा जेल में तैयार किए गए सरसों तेल ‘तपस’ के 280 कार्टन बिक गए।
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बैग बनाते हुए कैदी
- फोटो : amar ujala
बाराबंकी जिले के बदुसराय थानाक्षेत्र के बरवलिया गांव निवासी परशुराम 24 मार्च 2005 से हत्या के मामले में सलाखों के पीछे हैं। 24 फरवरी 2013 को आदर्श जेल में शिफ्ट होने के बाद जेल में सिलाई उद्योग में लगे।
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बैग
- फोटो : amar ujala
परशुराम आज सिलाई के हेडमास्टर हैं। उनकी अगुआई में श्रवण, चितरंजन, मो. उस्मान, विनोद, रघुनंदन, महेश समेत दो दर्जन कैदी कुंभ मेले में बिक्री के लिए कपड़े के उत्पाद तैयार कर रहे हैं। उम्रकैद की सजा काट रहे आदर्श कैदी परशुराम ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कैदियों की बनाई वस्तुओं को लोग इतना पसंद करेंगे।