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पैड फेंकने में होती थी बड़ी दिक्कत तो बना डाला ये मटका इंसीनिरेटर, तस्वीरों में देखें ये अनूठी पहल

Mon, 28 May 2018 01:02 PM IST
अमित यादव, अमर उजाला, लखनऊ
अमित यादव, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 28 May 2018 01:02 PM IST
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girls made matka incinerator for disposing sanitary pads
matka incinerator - फोटो : amar ujala
किशोरावस्था पहुंचते ही माहवारी शुरू होने के कारण लगभग सभी किशोरियां जागरूकता में कमी के कारण इन दिक्कतों से जूझती हैं क्योंकि उन्हें अपनी मां से भी उन दिनों में मदद नहीं मिलती थी। उन्हें यही बताया गया कि किसी भी माहवारी के बारे में बात न करे। यूनिसेफ और वात्सल्य संस्था ने माहवारी में साफ-सफाई, स्वस्थ्य एवं खुशहाल जीवन बिताने के लिए किशोरियों को जागरूक किया। इन किशोरियों ने मटका इनसिनिरेटर बनाना सीखा जिससे अब उन्हें परेशानी नहीं होती।
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matka incinerator - फोटो : amar ujala
केस 1- गोसाईंगंज ब्लॉक के माढरमऊ गांव की कक्षा 8 की एक छात्रा ऐसे रुढ़िवादी परिवार की सदस्य है जो माहवारी (मासिक धर्म) के बारे में बात करना तक गलत मानते थे। यहां तक की उसकी मां और बहन भी इस बारे में बात करने से हिचकती थीं। वॉश ब्रिगेड ने उसे व परिवार वालों को जागरूक किया। साथ ही उसे मटका इंसिनिरेटर बनाने का प्रशिक्षण दिया।
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matka incinerator - फोटो : amar ujala
केस 2- माल ब्लॉक की एक और छात्रा माहवारी के दौरान दिक्कतों से जूझती थी। उसे अपने पैड छिपाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। उसे फेंकने के एकांत की जरूरत पड़ती। उसे भी इंसीनिरेटर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया, जिसने इन सब दिक्कतों से निजात दिला दी।
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matka incinerator - फोटो : amar ujala
विशेषज्ञों के मुताबिक भ्रांतियों से किशोरियों के शारीरिक ही नहीं मानसिक विकास में भी बाधाएं आती हैं। स्कूल भी जाने में दिक्कत होती है। इसके बावजूद वे अपनी समस्याएं और सवाल किसी से भी पूछ नहीं पातीं। माढरमऊ की छात्रा के मामले में वॉश ब्रिगेड और स्वच्छता टोली ने मदद की।
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matka incinerator - फोटो : amar ujala
10 किशोरों को चुनकर वॉश ब्रिगेड बनायी गई। उन्हें यह बताया गया कि यह एक जरूरी शारीरिक प्रक्रिया है जो कि युवतियों के विकास का एक अभिन्न अंग है। वात्सल्य संस्था की कार्यकारी अध्यक्ष नीलम सिंह बताती हैं किइस प्रशिक्षण के बाद माढरमऊ की छात्रा ने अपने परिवार वालों की माहवारी से संबंधित भ्रांतियों को दूर किया। यहां तक कि घर में मटके में इंसिनिरेटर बनाया जो उसे हमारे कर्मचारियों ने सिखाया था।
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