तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को
शिवसेना के विरोध के बाद भारत में लगातार दो कार्यक्रम स्थगित होने के बाद पाकिस्तानी गायक गुलाम अली अमर उजाला के विशेष मेहमान बनकर शनिवार को लखनऊ पहुंचे। उनके इस कार्यक्रम को तस्वीरों में देखिए...
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एयरपोर्ट पर आने के बाद गुलाम अली सबसे पहले सीएम अखिलेश से मिलने पहुंचे। सीएम अखिलेश ने उनका शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनका आना लखनऊ के लिए गौरव का विषय है।
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शाम को गुलाम अली ने अमर उजाला के एमएसएमई कॉन्क्लेव में गजलें पेश की। ये कार्यक्रम होटल ताज में हुआ। ‘कोई ताजा हवा चली है अभी, दिल में इक लहर सी उठी है अभी, शोर बरपा है खाना-ए-दिल में, कोई दीवार सी गिरी है अभी, कुछ तो नाजुक मिजाज हैं हम भी और ये चोट भी नई है अभी’, ‘कतील जख्म सहूं और मुस्कुराता रहूं, बने हैं दायरे क्या क्या मेरे अमल के लिए’, ‘कैसी चली है अब के हवा तेरे शहर में, बंदे भी हो गए हैं खुदा तेरे शहर में..’गजलें पेश की।
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अमर उजाला एमएसएमई कॉन्क्लेव-2015 में शनिवार को गुलाम अली का यह कार्यक्रम इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया था कि महाराष्ट्र में उनके दो आयोजनों के रद्द होने के बाद यहां आयोजन हुआ था। इसका असर उनकी प्रस्तुतियों पर नजर आ रहा था। गुलाम अली ने ताज विवान्ता होटल के खुले मैदान में अपनी कई लोकप्रिय गजलें सुनाईं।
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लखनऊ के लिए उन्होंने कहा कि लखनऊ में उर्दू अदब को समझने वाले लोग हैं। यहां गाते हुए यह ध्यान रखना पड़ता है कि लफ्ज के मेयार को कैसे पेश किया जाए। अपने कार्यक्रम की शुरूआत कतील शिफाई की गजल ‘मेरी नजर से ना हो दूर एक पल के लिए’ सुनाने से पहले उन्होंने अहमद फराज की गजल के शेर भी सुनाए-‘तेरी बातें ही सुनाने आए, दोस्त भी दिल ही दुखाने आए’।