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'श्रद्धा कपूर' का मुख्य सचिव के साथ हुआ गंधर्व विवाह, आशीर्वाद देने पहुंचीं मायावती, दिया नेग

Wed, 03 Apr 2019 04:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 03 Apr 2019 04:36 PM IST
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ghongha basant sammelan 2019 celebrated in lucknow
डेमो
लखनऊ में एक अप्रैल की शाम को 'श्रद्धा कपूर' के साथ ही इन अभिनेत्रियों का गंधर्व विवाह पत्रकारों के अलावा मुख्य सचिव के साथ हुआ। इसमें मायावती ने प्रत्येक जोड़े को सदा सुहागिन रहो के आशीर्वाद के साथ ही 11-11 रुपये का नेग भी दिया। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए अगली स्लाइड पर क्लिक करें-


 
ghongha basant sammelan 2019 celebrated in lucknow
घोंघा बसंत सम्मेलन - फोटो : amar ujala
मंच हास्य कवियों से सज चुका था। दोना, पत्तल, झाड़ू, सुगंधित माला से उनका स्वागत हो चुका था। बीच-बीच में चुटकुले और हास्य व व्यंग्य की फुहारों से सभागार में मौजूद दर्शक ठहाके लगा रहे थे। इसी बीच मुर्खिस्तान के प्रधानमंत्री का गगनभेदी उद्घोष हुआ और वे झाड़ू लिए अंगरक्षकों के बीच मुकुट पहने मंच पर अवतरित हुए तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था मूर्ख दिवस पर रविवार को चारबाग स्थित रवींद्रालय में रंगभारती द्वारा आयोजित घोंघा बसंत सम्मेलन का, जिसमें अनोखे खिताबों और हास्य कविताओं ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया।
ghongha basant sammelan 2019 celebrated in lucknow
घोंघा बसंत सम्मेलन - फोटो : amar ujala
सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक और विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक मौजूद रहे। मुर्खोत्सव के रंग में राज्यपाल भी रंगे दिखे। उन्होंने अपने संबोधन में कई बार आयोजकों की चुटकी ली, जिससे श्रोता हंसे बिना नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल गुदगुदाने और हंसी-मजाक के दिन के लिए जाना जाता है।
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घोंघा बसंत सम्मेलन - फोटो : amar ujala
व्यंग्य की अलग पहचान होती है। व्यंग्य करना आसान नहीं है। समाज में जब कुछ गलत होता है, असमानता, भेदभाव आदि होता है तो लेखक व्यंग्य करता है। उन्होंने कहा कि व्यंग्य से नाराज नहीं होना चाहिए बल्कि इससे सीख लेते हुए सतर्क होना चाहिए। व्यंग्य लोगों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास दिलाता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के गुरु रामदास स्वामी ने अपनी पुस्तक में मूर्खों की पहचान के लिए 70 से ज्यादा गुण लिखे थे। राज्यपाल ने मंच पर 11 गुण बताए, जिनसे मूर्खों की पहचान होती है।
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घोंघा बसंत सम्मेलन - फोटो : amar ujala
वर्षों से सफल आयोजन पर आयोजकों की सराहाना करते हुए चुटकी भरे लहजे में कहा कि अब तक उन्हें काफी मूर्ख मिल गए होंगे। इस मौके पर उन्होंने देश के विख्यात हास्य-व्यंग्य कवि कमलेश द्विवेदी को इस वर्ष का बेढब बनारसी रंगभारती हास्य-व्यंग्य शिखर सम्मान से नवाजा। सम्मेलन में रचनाकारों को विशिष्ट उपहार भेंट किए गए। राज्यपाल राम नाईक की ओर से राजमुकुट, महापौर संयुक्ता भाटिया की ओर से पत्तलों का जयमाल, मुलायम सिंह यादव की ओर से गदा और प्रियंका गांधी की ओर से झाड़ू का गुलदस्ता भेंट किया गया।
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