कहते हैं सबसे खतरनाक वह चांद होता है, जो हर मौत के बाद वीरान हुए आंगन में चढ़ता है और उससे भी ज्यादा पीड़ा देती है वह मुर्दा शांति जो चांद को निहारती किन्हीं अपनों की पथराई आंखों से झांकती है। बात जब जिगर के टुकड़े की आती है तो वह तड़प खामोशी बन घर के कोने-कोने से चीखती है और तड़प कर, टूट कर रह जाते हैं उसे जन्म देने वाले।
गौरी का यह कमरा क्या कुछ बता पाया? आप भी देखिए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लख्ानऊ
Updated Fri, 06 Feb 2015 12:40 PM IST
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